फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उदासीनता : किसान जमा नहीं कर रहे कागजात

Tue, 06 Jan 2026 01:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
तमकुहीरोड। बेतिया के मनुआ पुल से गंडक नदी के रास्ते सेवरही के तिवारी पट्टी को जोड़ने वाली 29.22 किमी लंबी प्रस्तावित सड़क व पुल के निर्माण में अब भू-स्वामियों की उदासीनता आड़े आने लगी है। जिन किसानों की भूमि का अधिग्रहण होना है, उनमें से अधिकतर किसानों ने अपना भूस्वामित्व प्रमाण पत्र विभाग को अभी तक जमा नहीं किया है।
विज्ञापन

विभाग का मानना है कि अगर कागजात जमा करने की स्थिति इसी तरह धीमी रही तो मुआवजे के भुगतान व निर्माण कार्य को शुरू कराने में विलंब हो सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बेतिया के मनुआपुल एनएच-727ए से कुशीनगर जिले के सेवरही के तिवारीपट्टी एनएच-730 के बीच 1976.77 लाख करोड़ की लागत से 29.22 लंबे पुल सह सड़क निर्माण की मंजूरी दी है।
इसमे गंडक नदी में 12.036 किलोमीटर लंबा पुल का निर्माण भी शामिल है। यह पुल सह सड़क सीमावर्ती बिहार राज्य के ठकरहा, बैरिया, योगापट्टी, चनपटिया चार प्रखंडों अंचल के श्रीनगर, भगवानपुर, पटजिरवा, कोडहा, पिपरा नौरंगिया, गुरवलिया विश्वास, तुरहापट्टी, भरपटिया सहित सत्रह गांवों से होकर गुजरेग।
विज्ञापन

इन सभी चार प्रखंड मुख्यालयों में पिछले 5 व 6 दिसंबर को ठकरहा प्रखंड में, 8 व 9 दिसंबर को बैरिया प्रखंड में, 10 व 11 दिसंबर को योगापट्टी प्रखंड में और 12 व 13 दिसंबर को चनपटिया प्रखंड में भू अर्जन विभाग की ओर से कैंप लगाकर 1665 किसानों में 1500 किसानों को अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के मुआवजे के निर्धारण को लेकर नोटिस तामिला कराई गई थी और शीघ्र भू स्वामित्व प्रमाण पत्र जमा करने के लिए कहा गया था।
जिला भूअर्जन विभाग का कहना है कि अभी तक चारों प्रखंड के अधिकांश किसानों ने अपना भू स्वामित्व प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है। बेतिया के जिला भू अर्जन अधिकारी अमरेंद्र कुमार का कहना है कि यह परियोजना इस क्षेत्र विकास के लिए काफी अहम है। मुआवजे की राशि के निर्धारण के लिए भू स्वामित्व प्रमाण पत्र का जमा होना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें