पडरौना। पशु तस्करों का नेटवर्क तोड़ने के लिए पुलिस जड़ तक पहुंच गई है। कैरियरों की जगह पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर पशुओं की तस्करी के खेल में शामिल आरोपियों पर गैंगेस्टर की कार्रवाई की तैयारी पुलिस ने शुरू कर दी है। इनके रिकाॅर्ड खंगाले जा रहे हैं। एसपी ने थानाध्यक्षों और दरोगा को निर्देश दिया है कि किसी की भूमिका संदिग्ध मिली तो प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी, अब चेतावनी नहीं दी जाएगी।
जिला पंचायत सदस्य अमरेश यादव के जेल जाने के बाद पुलिस पशु तस्करी के नेटवर्क में शामिल आरोपियों का रिकाॅर्ड खंगाल रही है। पुलिस की सुस्ती के चलते इनकी सक्रियता बढ़ गई थी। पशु तस्करों के गिरोह के सदस्यों की सूची पुलिस तैयार करा रही है। इनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई पुलिस करेगी। इसके अलावा पशु तस्करी से अर्जित संपत्ति भी जब्त करने के लिए तहसील प्रशासन और एआरटीओ से वाहनों की सूची मांगी गई है। पशु तस्करों के बैंक का रिकाॅर्ड भी पुलिस खंगालेगी। 15 से अधिक ऐसे पशु तस्कर पुलिस की सूची में शामिल किए गए हैं। एक दशक पहले इन पशु तस्करों की आर्थिक हालत क्या थी और इन दिनों क्या है। इनकी आय का स्रोत क्या है, इसकी भी जानकारी पुलिस जुटा रही है।
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लग्जरी गाड़ी और घोड़े का शौकीन है अमरेश
जिला पंचायत सदस्य अमरेश यादव के जेल जाने के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अमरेश जनसुनवाई कार्यालय बना रखा है। पूर्व में पुलिस की ओर से ईंट भट्ठा के अलावा इसका कार्यालय भी जब्त किया गया था। कुछ माह पूर्व कोर्ट के आदेश पर इनकी संपत्ति रिलीज हुई थी। लग्जरी गाड़ियों के अलावा अमरेश एक घोड़ा भी रखा है।