पडरौना (कुशीनगर)। पशु तस्करों की जमानत लेने में फर्जीवाड़े का खेल काफी दिनों से चल रहा है। कसया पुलिस की ओर से दबोचे गए पशु तस्करों की वर्ष 2022 में मेरठ के रहने वाले चार जालसाजों ने फर्जी पते पर जमानत ले ली। एसपी ने सत्यापन कराया तो मामला पकड़ा गया। कसया थाने में दरोगा की तहरीर पर चारों जालसाजों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। जमानत के लिए कौन से कागजात दाखिल किए गए हैं, कोर्ट खुलने के बाद पुलिस इसकी भी जांच कराएगी। इससे पशु तस्करों के जमानतदारों और इस खेल में शामिल लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।
कसया पुलिस ने 2022 में हाईवे से गुजर रहे वाहन से पशुओं को बरामद किया था। गोवध पशु क्रूरता अधिनियम में प्राथमिकी दर्ज कर मेरठ जिले के कस्बा लावड़ निवासी रिजवान, मेरठ के लिसाड़ीगेट निवासी मोहम्मद परवेज को गिरफ्तार किया था। दोनों पशु तस्करों की जमानत रहीसुद्दीन पुत्र बुधु, यालसन पुत्र बुधु, सलीम पुत्र बुधु निवासी नई बस्ती थाना मेडिकल, मेरठ तथा सामुद्दीन पुत्र सुर्जुद्दीन निवासी अगवानपुर परीक्षितगढ़, मेरठ ने ली थी।
एसपी के आदेश पर पशु तस्करों के जमानतदारों का सत्यापन कराया जा रहा है। कसया पुलिस ने मेरठ के रहने वाले चारों जमानतदारों का सत्यापन मेरठ पुलिस की मदद से कराई। पता चला कि जमानत पेपर पर दर्ज पते पर इस नाम का कोई भी व्यक्ति नहीं रहता है। इसके बाद कसया थाने में तैनात दरोगा विवेक सिंह की तहरीर पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में चारों जालसाजों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जमानत लेने में प्रयुक्त कागजात की जांच के लिए पुलिस कोर्ट में प्रार्थना पत्र देगी और उसका भी सत्यापन कराएगी, ताकि जालसाजी के इस खेल में शामिल लोग बेनकाब हो सकें।