पडरौना। राज्यसभा सांसद कुंवर आरपीएन सिंह ने शुक्रवार को पूरक प्रश्न के रूप में राज्यसभा में वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट योजना के तहत केले के उत्पाद के एक्सपोर्ट हब के रूप में कुशीनगर को संतृप्त करने का मुद्दा उठाया। इस पर भारत सरकार के वाणिज्य व उद्योग राज्यमंत्री ने कुशीनगर में कॉमन फैसेलिटी सेंटर की स्थापना की केंद्र सरकार की मंजूरी से अवगत कराते हुए हामी भरी। राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह ने पूरक प्रश्न के रूप में बोलते हुए कहा कि कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण हो चुका है। आगामी मार्च माह में कैट एक ग्रेड मिलने से अंतरराष्ट्रीय उड़ाने शुरू हो जाएगी।
कुशीनगर जिले को वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट योजना में चयनित किया गया है। इसमें कुशीनगर में केले की खेती को शामिल किया है, जिसके उत्पादों को दुनिया भर में एक्सपोर्ट कर जिले की आर्थिक स्थिति में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कुशीनगर में एक्सपोर्ट हब की स्थापना का लाभ कुशीनगर के अलावा गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया व पड़ोसी राज्य बिहार के सीमावर्ती जिलों को मिलेगा। ऐसे में कुशीनगर में एक्सपोर्ट हब निर्माण की क्या योजना है। इस पूरक प्रश्न के जवाब में वाणिज्य व उद्योग मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि कुशीनगर बौद्ध धर्म व आम जनता की आस्था का केंद्र है। इस पर प्रधानमंत्री की भी नजर है। केंद्र सरकार ने केले के उत्पाद से टिसू कल्चर व केला ड्राइंग के लिए कुशीनगर के कप्तानगंज तहसील क्षेत्र में जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है।
इसकी लागत करीब 3.5 करोड़ है। यहां कॉमन फैकेल्टी सेंटर की स्थापना की जाएगी। यह केले के किसान के अलावा आम लोगों के लिए काफी कारगर होगा। दूसरे पूरक प्रश्न के रूप में राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह ने पूछा कि कुशीनगर में एक्सपोर्ट हब यानी कॉमन फैकेल्टी सेंटर की स्थापना कब तक होगी। इस प्रश्न का जवाब देते हुए वाणिज्य व उद्योग मंत्री ने कहा कि कुशीनगर हमारी प्राथमिकता में है। यहां से सभी उत्पादों का एक्सपोर्ट हो, यह हमारा प्रयास होगा। कॉमन फैकेल्टी सेंटर के निर्माण के लिए जमीन खरीद ली गयी है। गांव में बिजली भी लग गई है। बजट के लिए पत्रावली तैयार है। इसकी वित्तीय स्वीकृति जल्द ही हो जाएगी। इस केंद्र के स्थापना से 4000 लोगों को रोजगार मिलेगा। कुशीनगर में जल्द ही कॉमन फैकेल्टी सेंटर का निर्माण शुरू ही जाएगा।