कुशीनगर। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने शिकायत मिलने पर पडरौना कोतवाली के अंतर्गत आने वाली सिधुआ चौकी के सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। कोतवाली क्षेत्र के बसहिया बनवीरपुर गांव के समीप स्थित सिधुआ चौकी के पुलिसकर्मियों की लापरवाही की शिकायत एसपी तक पहुंची थी। बसहिया बनवीरपुर से गोवंश की तस्करी की बात सामने आई थी। काफी दिनों से तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिली थी।
बिहार के पश्चिमी चंपारण की सीमा नजदीक है। बसहिया बनवीरपुर पूरे जिले में तस्करी का सबसे कुख्यात गांव है। इसके चलते यहां तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली चर्चा के केंद्र में रहती है। तस्करी को लेकर पिछले दिनों पूरे जोन में कुशीनगर चर्चा का केंद्र था। गोरखपुर के पिपराइच में तस्करों द्वारा युवक की हत्या के बाद एसपी सहित दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों को लखनऊ व अन्य जिलों में स्थानांतरित कर दिया गया।
तस्करी को लेकर पडरौना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कुख्यात गांव बसहिया बनवीरपुर में धरपकड़ के लिए पुलिस ने दबिश दी। इसके बावजूद लगातार पशुओं को लादे जाने की सूचना पुलिस कप्तान को मिलती रही।
सिधुआ चौकी प्रभारी सहित सभी सात पुलिसकर्मियों पर आरोप लगने के बाद पुलिस कप्तान केशव कुमार ने आंतरिक जांच कराया और प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह लंबे समय से यहां जमे हुए हैं। इनकी अलग-अलग जगहों पर अच्छी सेटिंग है। 23 दिन पूर्व एक युवक के गायब होने के मामले में सूत्रों के अनुसार पुलिसकर्मी पशु तस्करों पर शिकंजा नहीं कस पा रहे थे।
एसपी की ओर से गोपनीय तरीके से कराई गई जांच में सामने आया है कि सिंधुआ चौकी के अंतर्गत आने वाले पशु तस्करों के गांव में पुलिस की जो धमक होनी चाहिए, नहीं थी।
इतना ही नहीं पशु तस्करों पर कार्रवाई से पहले सूचनाएं लीक हो जाती थीं। जिससे पशु तस्कर भाग निकलते थे। एसपी ने पडरौना कोतवाली के सिधुआ चौकी के इंचार्ज उपनिरीक्षक आकाश सिंह के अलावा उपनिरीक्षक रामलाल यादव, उपनिरीक्षक दीपक यादव, कास्टेबल उमेश यादव, सूरज मौर्य, अंगद यादव, विशाल सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। इस कार्रवाई से पुलिसकर्मियों में खलबली मच गई है।