पडरौना। उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने शनिवार को विशुनपुरा क्षेत्र के पड़री पिपरपाती गांव में कहा कि दिसम्बर तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त बना लिया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त धन की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा अगले दो तीन वर्षों में सभी जरूरतमंदों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास बनाने के मामले में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। इस वर्ष 8.3 लाख घर बनाए हैं, जो बीते वर्षों से अधिक है।
कुशीनगर जनपद के दौरे पर आए मुख्य सचिव दूसरे दिन पड़री पिपरपाती गांव का निरीक्षण करने के बाद यहां के प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल के संयुक्त परिसर में आयोजित चौपाल को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चार हजार करोड़ रुपये खर्च कर पीडब्ल्यूडी ने नई सड़कों का निर्माण कराया है। इसके अलावा सड़कों की मरम्मत का कार्य भी कराया गया है। जो सड़कें अवशेष रह गई हैं, उन्हें नए वित्तीय वर्ष में दुरुस्त करा लिया जाएगा। दिसंबर तक एनएचएआई के अलावा नई अधिग्रहित सड़कों तथा अन्य सभी सड़कों को ठीक करा लिया जाएगा।
इंसेफेलाइटिस की चर्चा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि इस बीमारी की रोकथाम के लिए सभी विभागों के साथ आम लोगों को भी मिलकर लड़ना होगा। यदि पीड़ित बच्चे को तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाएं तो इस बीमारी का प्रभाव कम किया जा सकता है। बच्चों का टीकाकरण समय पर कराएं। स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल करें।
चौपाल के दौरान मुख्य सचिव को ग्राम प्रधान और अन्य जागरूक लोगों ने अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। मुख्य रूप से सड़क और पानी की टंकी से संबंधित समस्याएं सामने आई हैं। मुख्य सचिव ने प्राथमिकता के आधार पर पेयजल व्यवस्था को ठीक कराने को कहा।
चौपाल में मौजूद मुख्य सचिव की पत्नी डॉ. प्रीती ने कहा कि जच्चा-बच्चा हमारी धरोहर हैं। इन्हें बीमारियों से महफूज रखने के लिए अभिभावक समय पर इनका टीकाकरण अवश्य कराएं। जेई-एईएस के खात्मे के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करना होगा।
कमिश्नर अनिल कुमार ने कहा कि इंसेफेलाटिस को समाप्त कर राष्ट्रीय पहचान बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, विद्युत सब स्टेशन का शीघ्र निर्माण कराकर उन्हें चालू कराने और मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने वालों के मामलों के त्वरित निस्तारण की बात कही।
डीएम आंद्रा वामसी ने कहा कि इसंफेलाइटिस पर नियंत्रण के लिए सभी ग्राम प्रधान, आशा कार्यकर्ता, एएनएम व अन्य विभाग से जुड़े कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बीमारी से बचाव के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
इस दौरान सीडीओ देवीदास, एसपी अशोक कुमार पांडेय, एडीएम कृष्णलाल तिवारी, एएसपी हरिगोविंद, डीपीआरओ राघवेंद्र कुमार द्विवेदी, पीडी राजेंद्र प्रसाद, डीडीओ शेषनाथ चौहान, बीडीओ रघुनाथ सिंह सहित अन्य विभागों के अफसर व कर्मचारी मौजूद थे।
चौपाल को संबोधित करने के दौरान मुख्य सचिव ने स्वच्छता अभियान पर विशेष जोर दिया। मुख्य सचिव ने भारत सरकार की ओर से चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान को अपने साथ विदेश में हुई घटना से जोड़ते हुए कहा कि वहां भारत में लोगों के खुले में शौच जाने के सवाल पर बड़ी आत्मग्लानि हुई थी। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 में स्वच्छता का संदेश दिया और अब अक्टूबर तक हर घर में इज्जत घर बनाकर बाहर के देशों में बनी खराब छवि को ठीक करना है। यह समाज के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत आवश्यक है। जिन घरों में इज्जत घर नहीं है, उन्हें इसके निर्माण व उपयोग के लिए जागरूक करने की जिम्मेदारी अफसरों के साथ-साथ समाज को भी निभानी होगी।