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गेहूं की फसल हो गई बर्बाद, आम पर भी असर

Sat, 31 Mar 2018 11:53 PM IST
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
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बर्बाद। - फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना।  शुक्रवार की शाम को आई तेज आंधी, बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सर्वाधिक असर गेहूं की फसल पर पड़ा है। कई जगह तेज हवा के चलते फसल जमीन पर गिर गई है। तेज आंधी व ओलावृष्टि के कारण आम का बौर भी टूट गया है। इससे आम के उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।
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आमतौर पर अप्रैल के पहले पखवारे में गेहूं की फसल कटने लगती है। इस वक्त गेहूं की फसल पकने के करीब है। अगेती प्रजाति का गेहूं बोने वाले किसानों की फसल तो करीब-करीब पक भी चुकी है। इसके अलावा आम के पेड़ भी इस बार बौर से लदे हैं। आम उत्पादक किसान अच्छी उपज का अनुमान लगाकर खुश थे। परंतु शुक्रवार की शाम को करीब एक घंटे तक चली तेज हवा के चलते इन फसलों पर सीधा असर पड़ा है। तेज हवा के बाद बारिश के साथ कुछ मिनटों के लिए हुई ओलावृष्टि ने भी फसलों पर असर डाला है।

 कुबेरस्थान प्रतिनिधि के अनुसार बतरौली बाजार के किसान छोटेलाल गुप्ता, मुस्लिम, शंकर, मुस्तकीम, अलीहसन, हीरालाल, अलीमुद्दीन आदि का कहना है कि तेज हवा और बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि की वजह से गेहूं की फसल गिर गई है। जिनके खेतों में फसल जमीन पर गिर गई है उनका नुकसान बहुत अधिक है। क्योंकि अब इन फसलों के सूखने का खतरा है। इसके अलावा आम का बौर टूट गया है जिससे आम का उत्पादन भी प्रभावित होगा।
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 तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार तेज आंधी व बारिश से क्षेत्र के पगरा प्रसाद गिरी, बसंतपुर, नौगांवा, धुरिया इमीलिया, तमकुहीराज, हरिहरपुर, गाजीपुर आदि गांवों में किसानों की फसल प्रभावित हुई है। किसान वसुधा पांडेय, रामजीत, नगनारायण, रविंद्र तिवारी, विरेंद्र, ओमप्रकाश, अशोक, रामदेव, शिव आदि का कहना है कि अच्छी उपज देखकर खुशी हो रही थी, परंतु मौसम के अचानक बिगड़े मिजाज ने उम्मीदें धूमिल कर दी हैं। अगर पखवारे भर के अंदर दुबारा बारिश हो गई तो फसलों का बर्बाद होना तय है।


जिला उद्यान अधिकारी राजेंद्र कुमार यादव का कहना है कि इस तेज आंधी व ओलावृष्टि से आम व लीची का उत्पादन प्रभावित होगा। वहीं जिला कृषि अधिकारी प्यारेलाल भी मानते हैं कि मौसम के इस बदलाव से किसानों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। इनका कहना है कि इस वक्त गेहूं की फसल जमीन पर गिरने से उत्पादन प्रभावित हो जाएगा।
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