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Kushinagar News: धूल-धुएं से हवा प्रदूषित, लोगों की भी सेहत हो रही खराब

Fri, 27 Oct 2023 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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खड्डा क्षेत्र के महदेवा गांव में धान की निराई के दौरान उड़ रहे धूल। संवाद
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गिरते तापमान में निर्माण स्थलों, खराब सड़कों और धान की मड़ाई से उड़ रही धूल लोगों को कर रही बीमार
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वाहनों और फैक्टरियों से निकलने वाले धुएं से भी हवा हो रही प्रदूषित
157 दर्ज किया गया हवा की गुणवत्ता का सूचकांक, अभी और बढ़ेगा

संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। सर्दी का मौसम शुरू होते ही हवा की गुणवत्ता खराब होने लगी है। बृहस्पतिवार को जिले की हवा की गुणवत्ता का सूचकांक (एक्यूआई) 157 दर्ज किया गया, जोकि खराब की श्रेणी में आता है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक एक्यूआई में बढ़ोतरी होगी। डॉक्टरों का कहना है कि हवा की गुणवत्ता का खराब होने का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। लोगों में दमा,सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं।
इस समय तापमान दिन में सामान्य रह रहा है, लेकिन रात के समय दस से 12 डिग्री सेल्सियस तक कम हो जा रहा है। निर्माण कार्य होने से प्रमुख सड़कों पर हर तरफ धूल उड़ रही है। लोग धान की मड़ाई कर रहे हैं। इससे भी धूल उड़ रही है। साथ ही वाहनों से निकलने वाला धुआं मिल जा रहा है। इससे हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है, जिससे लोगों की सेहत बिगड़ रही है। प्रदूषित हवा हृदय, फेफड़े और अस्थमा के मरीजों के लिए घातक हो सकती है। यही नहीं, त्वचा व आंखों से जुड़ी दिक्कतें भी बढ़ रही हैं।
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उदित नारायण इंटर कॉलेज के भूगोल विभाग के प्रवक्ता रमेश कुमार ने बताया कि तापमान में गिरावट आने से एयर पॉल्यूटेंट (प्रदूषण फैलाने वाले कारकों) का प्रसार धीमा हो जाता है। यह वायुमंडल के ऊपरी सतह में नहीं जा पाता। ऐसे में वाहनों से निकलने वाला धुंआ, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल सहित अन्य तत्वों की वजह से वायु की गुणवत्ता प्रभावित होती है। वह सलाह देते हैं कि हवा की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए निर्माण कार्यस्थलों पर पानी का नियमित छिड़काव करना चाहिए।
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शहर में इन जगहों पर उड़ रही धूल नगर के रामकोला रोड स्थित रोडवेज बस स्टेशन परिसर में भवन का निर्माण चल रहा है। इसकी वजह से धूल उड़ रही है। रेलवे स्टेशन और बाईपास रोड क्षतिग्रस्त हो गया है। इस पर चलने वाले वाहनों की वजह से हर समय धूल उड़ती रहती है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में धान की मड़ाई चल रही है। धान की फसलों की मड़ाई के दौरान कंबाइन समेत अन्य कृषि यंत्रों से बड़े पैमाने पर धूल उड़ती है। इससे हवा का प्रदूषण बढ़ता है।


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और खराब हो सकती है हवा की गुणवत्ताजिले में बृहस्पतिवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 157 दर्ज किया गया। आपदा विशेषज्ञ रवि कुमार राय ने बताया कि फिलहाल हवा के प्रदूषण की गति धीमी है, लेकिन यह धीरे-धीरे बढ़ रही है। 22 अक्तूबर को जिले का एक्यूवाई 120 था। 23 को 130 हो गया। 24 को घटकर 110 हुआ, लेकिन 25 अक्तूबर को 140 दर्ज किया गया। शुक्रवार को 160, शनिवार को 172, रविवार को 260, सोमवार को 265 और मंगलवार को एक्यूआई 263 हो सकता है।



वातावरण में उड़ने वाली धूल से आंखों और त्वचा में एलर्जी हो जाती है। दमा, सर्दी-खांसी समेत कई तरह की दिक्कतें होती हैं। जिस जगह पर लंबे समय तक निर्माण चल रहे हैं या धूल उड़ रही हो, उनके घर में भी धूल की वजह से बीमारियां अधिक होती हैं। हर दिन ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिन्हें धूल की वजह से दिक्कत होती है। धूल और धुएं की वजह से फेफड़े में भी इंफेक्शन होता है। सर्दियों में ऐसे मामले अधिक तकलीफ देते हैं।

- डॉ. विकास गुप्ता, चेस्ट स्पेशलिस्ट

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एयर क्वालिटी इंडेक्स मानक

0-50अच्छा
51-100संतोषजक

101-200थोड़ा खराब
201300खराब
301400-अत्यंत खराब
401-500गंभीर


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तापमान में भी उतार-चढ़ाव
बीते साल की तुलना में इस वर्ष का तापमान करीब एक से डेढ़ डिग्री सेल्सियस कम है। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के प्रभारी डॉ. डीबी राठौर ने बताया कि बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 31.04 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.05 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 26 अक्तूबर 2022 को अधिकतम तापमान 32.06 और न्यूनतम तापमान 16.01 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
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तापमान कम होने की वजह से सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियां फैलती हैं। बीते करीब एक सप्ताह से इस तरह के मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतनी चाहिए

- डॉ. संजीव सुमन, प्रभारी चिकित्साधिकारी, पुरुष व नेत्र चिकित्सालय, पडरौना
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