पडरौना। खरीफ सीजन की तैयारियों और खेती कार्य के पीक समय के बीच डीजल की भारी किल्लत ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।
पेट्रोल पंपों पर घंटों, और कई जगह तो पूरी-पूरी रात इंतजार करने के बाद किसानों को बेहद सीमित मात्रा में डीजल दिया जा रहा है। ट्रैक्टर, और सिंचाई पंपों को चालू रखने के लिए किसान दिन-रात पेट्रोल पंपों की चक्कर लगा रहे हैं। दूर-दराज के गांवों से किसान अपने वाहनों, ड्रमों और गैलन के साथ पंपों पर पहुंच रहे हैं, जिससे हाईवे से लेकर ग्रामीण इलाकों के पंपों पर ट्रैक्टरों की लंबी लाइनें लग जा रही हैं।
वहीं ईंधन की किल्लत से कृषि कार्यों के ठप होने को लेकर परेशान किसानों ने अब प्रशासन से मांग की है कि खेती-किसानी को बचाने के लिए पेट्रोल पंपों पर किसानों के लिए डीजल की अलग से विशेष व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें इस भीषण गर्मी में कतारों से मुक्ति मिल सके।
ग्रामीण इलाकों में डीजल संकट से मानसून से पहले खेतों की जुताई नर्सरी तैयार करने का काम पूरे जोरों पर है।