पडरौना। कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को जिला पंचायत परिसर में जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। किसानों को प्राकृतिक खेती और श्रीअन्न अपनाने की सलाह दी गई। इससे आय तो बढ़ेगी ही, सेहत भी ठीक रहेगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री राजेश्वर सिंह तथा एडीएम वैभव मिश्रा ने दीप जलाकर किया।
राजेश्वर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्नत बीज, आधुनिक कृषि तकनीक, कृषि यंत्रीकरण और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने किसानों से कृषि विभाग की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।एडीएम वैभव मिश्रा ने किसानों की समस्याएं सुनीं और फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को धान, मक्का, दलहन, तिलहन तथा श्रीअन्न (मिलेट्स) की वैज्ञानिक खेती की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही बीज उपचार, संतुलित उर्वरक उपयोग, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती के लाभों से अवगत कराया। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, कृषि यंत्रीकरण, बीज वितरण और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन समेत विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक श्रुति वर्मा ने श्रीअन्न की खेती पर विस्तार से चर्चा करते हुए कोदो, सांवा, बाजरा और रागी की वैज्ञानिक खेती, प्रबंधन, कटाई और भंडारण की तकनीक बताई। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने किसानों को कृषि की नवीन तकनीकों, उन्नत प्रजातियों तथा आगामी सीजन में उपलब्ध होने वाले सब्जियों के पौधों के बारे में जानकारी दी।
वहीं उद्यान विभाग के अधिकारियों ने हल्दी प्रोसेसिंग और हाईटेक हाइब्रिड नर्सरी योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया।