पडरौना। जिले में बिना पंजीकरण के संचालित कोचिंग पर शिक्षा विभाग कार्रवाई की तैयार में जुट गया है। कोचिंग संस्थानों की सूची तैयार की जा रही है। चुनाव बाद अभियान चलाकर ऐसे कोचिंग संस्थानों के संचालकों को नोटिस थमाया जाएगा।
जिले में कई कोचिंग सेंटरों का संचालन बिना पंजीकरण के हो रहा है। नियम है कि डीआईओएस कार्यालय में बिना रजिस्ट्रेशन के कोचिंग संस्थानों का संचालन नहीं हो सकता है। जांच के दौरान पकड़े जाने पर एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। इसके बावजूद बिना पंजीकरण के पडरौना नगर के अलावा जिले के सभी छोटे बड़े शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ल्ले से कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। इनमें से करीब 20 ऐसे कोचिंग संस्थान हैं, जिन्होंने पूर्व में पंजीकरण तो कराया था, लेकिन अब उनकी वैधता तिथि समाप्त हो गई है। उन्होंने दोबारा पंजीकरण नहीं कराया।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ऐसे सभी कोचिंग के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में हैं। विभाग की तरफ से इन कोचिंग संस्थानों की सूची तैयार की जा रही है। चुनाव बाद उनके खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। डीआईओएस रविंद्र सिंह ने बताया कि जिले में बिना पंजीकरण के किसी भी कोचिंग संस्थान का संचालन नहीं होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित कोचिंग संस्थानों की सूची तैयार की जा रही है। चुनाव बाद अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई से बचने के लिए संबंधित कोचिंग संस्थानों के संचालकों को कार्यालय से संपर्क कर पंजीकरण करा लेना चाहिए।