प्रदर्शन करते अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ के लोग। स्रोत-सोशल मीडिया
पडरौना। अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ की जिला इकाई की तरफ से बुधवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर एडीएम न्यायिक प्रेम कुमार राय को ज्ञापन सौंपा। इसमें गोंड समाज के लोगों ने लोगों ने 22 जनवरी को जनपद मुख्यालय पर आए थारू जनजाति के लोगों पर गोंड बिरादरी के लोगों के संबंध में असंवैधानिक तरीके से टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
संगठन के जिलाध्यक्ष गोरख प्रसाद गोंड ने कहा कि बीते 22 जनवरी को मूल आदिवासी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बहादुर चौधरी (थारू) द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति एवं राज्यपाल को तीन सूत्री मांग पत्र सौंपा गया था। उनकी तरफ से झूठा आरोप लगाया गया था कि कुशीनगर जनपद सहित प्रदेश के कई जनपदों में गोंड जनजाति नहीं पायी जाति है। इस पर अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ ने कड़ा विरोध जताया था और काफी नोकझोंक भी हुई थी।
उन्होंने प्रदेश के उपसचिव एसपी आर्य द्वारा 24 सितम्बर, 1977 जारी शासनादेश के बारे में बताया, जिसमें गोंड जाति के लोगों को प्रदान किए गए अधिकारों का उल्लेख है। उसके बाद भी समय-समय पर जारी शासनादेश दिखाए। इस दौरान प्रदेश महासचिव बिंदेश्वरी प्रसाद गोंड, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रीतमनाथ गोंड, पूर्व जिलाध्यक्ष दिग्विजनाथ गोंड, जिला महासचिव मनोज कुमार गोंड कर रहे थे।