संवाद न्यूज एजेंसी नेबुआ नौरंगिया। खड्डा थाना क्षेत्र के नरकुल छपरा में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की जलाकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस केस दर्ज करने तक की कार्रवाई में सिमट गई है।
छह में से एक भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज मायके वालों ने एसपी संतोष मिश्रा से मिलकर मामले की शिकायत की। मायके वालों का आरोप है कि घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। खड्डा थाना क्षेत्र के गंगा छपरा गांव निवासी लकमुद्दीन ने पुत्री आयसा खातून की शादी नौ मई 2024 को थाना क्षेत्र के ही नरकुल छपरा निवासी सरफराज से की थी। शादी के कुछ समय तक तो सब ठीक रहा, लेकिन बाद में ससुराल के लोग दो लाख रुपये दहेज में देने के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने लगे।
आरोप है कि विवाहिता को 15 अक्तूबर की सुबह ससुराल के लोगों ने पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। गंभीर हालत में मायके व ससुराल के लोग उसे मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां हालत गंभीर देख डॉक्टर ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
18 अक्तूबर को विवाहिता की इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता की ओर से विवाहिता के पति, सास व ससुर समेत छह लोगों के खिलाफ तहरीर देकर दहेज के लिए प्रताड़ित करने के साथ ही हाथ-पैर बांधकर जिंदा जलाने का आरोप लगाया।
तहरीर के आधार पर पुलिस पति सरफराज, ससुर मैनुद्दीन, देवर मेहरबान, सास, ननद व जेठानी समेत छह आरोपियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या आदि की धाराओं में केस दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपी अब तक फरार हैं। े