डीएम को ज्ञापन सौंपते बोर्ड परीक्षा से संचित छात्र।स्रोत-सोशल मीडिया
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पडरौना। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर गोस्वामी तुलसीदास इंटर कॉलेज पडरौना के नोडल अधिकारी और प्रधान लिपिक पर कार्रवाई की मांग की। डीआईओएस पर दोनों कर्मचारियों के बचाव और जांच में लीपापोती का आरोप लगाया। दोनों कर्मचारियों की लापरवाही से 700 परीक्षार्थी परीक्षा नहीं दे सके। डीएम को प्रदर्शनकारियों ने मांग पत्र सौंपा।
एबीवीपी के छात्र नेताओं का आरोप है कि नोडल अधिकारी की जगह लिपिक के हस्ताक्षर होने कारण उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सभी विद्यार्थियों का प्रवेश पत्र निरस्त कर दिया है। इसके कारण पत्राचार पाठ्यक्रम के 700 छात्र यूपी बोर्ड की परीक्षा से वंचित हो गए हैं।
इस मामले की जानकारी परीक्षार्थियों को देने में गोस्वामी तुलसी दास इंटर कॉलेज के प्रधान लिपिक ज्ञान प्रकाश पाठक और राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रधानाचार्य विकास मणि त्रिपाठी लगातार भ्रमित किया है।
सही जानकारी नही दी। छात्र नेताओं ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नोडल अधिकारी और प्रधान लिपिक पर प्राथमिकी दर्ज करा विभागीय कार्रवाई की जाए। आरोप लगाया कि डीआईओएस की भूमिका भी संदिग्ध है। उनके तरफ से कराए जाने वाले जांच में लीपापोती का अंदेशा है, जांच दूसरे विभाग के अधिकारियों से कराई जाए। कॉलेज का प्रधान लिपिक काफी प्रभावशाली है और पूर्व में भी इसकी मनमानी की शिकायत सामने आ चुकी है।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कोर्ट में मामला लंबित होने की बात कहते हुए प्रशासनिक स्तर से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।