जिले की 15 सीएचसी में व्यवस्था लागू, बनेगी आभा आईडी
पडरौना। स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने के लिए जिले की 15 सीएचसी में भी आभा हेल्थ आईडी की व्यवस्था लागू कर दी गई है। इस व्यवस्था से मरीजों के इलाज का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। मेडिकल कॉलेज में यह व्यवस्था पहले से लागू है। ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए मरीजों के पास अब आभा हेल्थ आईडी होना अनिवार्य होगा। सीएचसी पर आने वाले मरीजों को आभा आईडी बनाने की व्यवस्था की गई है।जिले में अभी तक करीब 40 हजार मरीजों को आभा आईडी बनी है। इसे अभियान चलाकर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत सभी मरीजों को आभा हेल्थ आईडी से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। अब सीएचसी में आने वाले मरीजों की ओपीडी पर्ची आभा आईडी के माध्यम से ही बनाई जाएगी। जिन मरीजों के पास अभी आभा आईडी नहीं है, उन्हें अस्पताल परिसर में ही इसे बनवाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने बताया कि आभा आईडी बनाने के लिए मरीज के पास आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर और स्मार्टफोन होना जरूरी है। सत्यापन के बाद मरीज की यूनिक हेल्थ आईडी तैयार कर दी जाएगी। एक बार आईडी बनने के बाद मरीज को केवल अपना आभा नंबर याद रखना होगा। अगली बार अस्पताल आने पर इसी नंबर के आधार पर काउंटर से ओपीडी पर्ची जारी कर दी जाएगी। बार-बार व्यक्तिगत जानकारी देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
सीएमओ के अनुसार, आभा हेल्थ आईडी के माध्यम से मरीजों की जांच रिपोर्ट, दवा, उपचार और अन्य चिकित्सकीय विवरण डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे।इससे मरीज का स्वास्थ्य रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा, जिससे डॉक्टरों को इलाज में सुविधा मिलेगी और समय की भी बचत होगी। सभी सीएचसी प्रभारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि अधिक से अधिक मरीजों की आभा आईडी बनाई जाए। उन्हें इसके लाभों के प्रति जागरूक किया जाए। इस पहल से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक पारदर्शी, तेज और मरीजों के लिए सुविधाजनक होंगी।