फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: हिंसक जानवर ने हिरण को मार डाला, सिसवा गोपाल में गांव में दहशत

Sun, 22 Feb 2026 02:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
विज्ञापन
हिरण की मौत के बाद पदचिह्न की जांच करता वन कर्मचारी ।हमलावर जानवर का पदचिह्न
विज्ञापन
खड्डा(कुशीनगर)। सिसवा गोपाल व मदनपुर सुकरौली गांव के पास नहर क राजवाहा में हिंसक जानवर ने नर हिरण को मार डाला। शनिवार को लोगों ने हिरण का शव देखा और वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लिया। वन विभाग और गांव वाले सरेह में विचरण करने वाले तेंदुआ के हमले की आशंका जाता रहे हैं। वन विभाग की टीम पदचिह्न के आधार पर जानवर की पहचान में जुटी है।
विज्ञापन

शनिवार की सुबह करीब दस बजे खेत की तरफ गए लोगों को हिरण का शव दिखा। उसके गले व पीछे के हिस्से में गहरे घाव थे। आसपास मौजूद पदचिह्न को गांव वाले तेंदुआ का बता रहे थे। सूचना पर रेंजर अमृता चंद की अगुआई में टीम आई। पद चिह्न समेत अन्य तकनीक से जानवर की पहचान कर रही है। वन विभाग अभी उसे हिंसक जानवर मान रहा है, लेकिन तेंदुआ होने की आशंका जताई जा रही है।
करीब एक माह पूर्व सिसवा गोपाल गांव के सरेह में गन्ने के खेत में शिकारियों के लगाए फंदे में तेंदुआ फंस गया था। पकड़ने के प्रयास में वह भाग निकला था। इस दौरान दो लोग घायल भी हो गए थे। काफी दिनों तक लोग दहशत में रहे क्योंकि महराजगंज जिले में लोगों पर हमला कर चुका है। करीब एक माह से वन विभाग की टीम कांबिंग कर रही है, लेकिन तेंदुआ नहीं दिखा। एहतियातन वन विभाग की टीम गांव में तैनात है।
विज्ञापन

अब हिरण का शव मिलने से लोग फिर सहम गए हैं। वन विभाग की टीम सरेह में तैनात कर दी गई है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र से सटे महराजगंज जनपद का सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य का निचलौल वन क्षेत्र है। यहां से शाकाहारी जानवर भटककर खड्डा क्षेत्र में चले आते हैं। शिकार की तलाश में हिंसक जानवर भी आ जाते हैं।
-
किसी हिंसक जानवर ने हिरण को मारा है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पदचिह्न के परीक्षण के बाद मौत की असली वजह पता चलेगी और हमला करने वाले जानवर की भी जानकारी हो जाएगी। वन विभाग की टीम गांव में तैनात कर दी गई है। लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। -अमृता चंद, रेंजर, खड्डा कुशीनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें