पडरौना। शहर में बढ़ती जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका परिषद ने तैयारी शुरू कर की है। नगर पालिका की तरफ से शहर के मुख्य पश्चिमी गंडक नहर की पटरी पर वेंडिंग जोन की स्थापना की जाएगी। इसके लिए पालिका ने तैयारी तेज कर दी गई।
यहां वेंडिंग जोन बनने से शहर के प्रमुख चौराहों पर दुकान लगाने वाले फुटपाथ के व्यापारियों को शिफ्ट करा दिया जाएगा। इससे शहर में लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिल जाएगी।
शहर के तिलक चौक, कोतवाली रोड, सुभाष चौक, धर्मशाला रोड, मेना बाजार रोड, दरबार रोड, जटहां बाजार रोड, रामकोला रोड समेत अन्य शहर के प्रमुख मार्गों की पटरियों पर 500 से अधिक ठेला व्यापारी दुकान चलाते हैं। दोपहर बाद इन सभी सड़क और चौराहों पर जगह-जगह ठेला पर दुकानें सज जाती हैं। तिलक चौक पर तो ठेला व्यापारी पूरी सड़क पर जगह-जगह दुकान सजा लेते हैं। जिससे चौराहा संकरी हो जाता है। यही हाल शहर के सभी प्रमुख मार्गों की है।
फुटपाथ पर ठेला लगने से सुबह के समय चाैड़ी दिखने वाली सड़क दोपहर बाद धीरे-धीरे संकरी होने लगती है। फुटपाथ पर सजीं इन दुकानों की वजह से शाम करीब चार बजे के बाद तो सड़क सिकुड़कर आधी हो जाती है। इससे रुक-रुक कर जाम लगने लगता है।
यदि इस जाम में एक बार कोई फंस गया तो निकलने में घंटों का समय लग जाता है। हालत यह है कि सड़क पर सजी फुटपाथ की दुकानों की वजह से इस कदर जाम लगता है कि करीब तीन किलोमीटर की परिधि में फैले इस शहर को पार करने में लोगों को एक घंटे से अधिक का समय लग जाता है।
लोगों की इस समस्या को देखते हुए नगर पालिका परिषद ने शहर के बीच से गुजरी मुख्य पश्चिमी गंडक नहर की पटरी पर वेंडिंग जोन बनाने की तैयारी कर रही है। यहां शहर की फुटपाथ पर अस्थायी रूप से दुकान लगाने वाले दुकानदारों को व्यवस्थित व स्थायी दुकानों में स्थानांतरित किया जाएगा। मुख्य पश्चिमी गंडक नहर पर वेंडिंग जाेन बनाने के पीछे नगर परिषद का मुख्य उद्देश्य शहर की प्रमुख सड़क को अतिक्रमण मुक्त बनाना है, ताकि यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके।
नो-वेंडिंग जोन लागू होने से सड़क चौड़ी और साफ दिखायी देगी। इससे लोगों को भी जाम की समस्या से राहत मिलेगी। नगर पालिका प्रशासन की तरफ से चिह्नित स्थान पर दुकानदारों को शिफ्ट करने के लिए दुकानदारों की सूची भी तैयार कर ली है। नगर पालिका के इस कदम से दुकानदारों को भी लाभ होगा, क्योंकि उन्हें स्थायी और सुरक्षित स्थान मिलेगा। शहर की यातायात व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। यदि यह योजना सफल रहती है, तो शहर के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की जाएगी।