हाटा। साहित्यिक संस्था संदेश के संस्थापक अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भोजपुरी कवि त्रिलोकी त्रिपाठी चंचरीक के निधन पर साहित्यकारों और शिक्षाविदों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। ग्राम महुई निवासी चंचरीक बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक के साथ-साथ भोजपुरी साहित्य साधना के समर्पित हस्ताक्षर थे।
भोजपुरी भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। पिछले तीन दशकों से वह नियमित रूप से मासिक काव्य गोष्ठियों का आयोजन कर साहित्यकारों को एक मंच प्रदान करते रहे। उनके निधन की सूचना मिलते ही साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता भोजपुरी कवि एवं गीतकार चंदेश्वर परवाना ने की। वहीं भोजपुरी कवि आरके भट्ट, डॉ. ओमप्रकाश द्विवेदी ओम, सीमा गुप्ता, गीतकार अश्विनी द्विवेदी, दिनेश भोजपुरिया समेत कई लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त की। कस्बे के श्रीनाथ संस्कृत महाविद्यालय में भी श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। संस्था के मंत्री गंगेश्वर पांडेय ने कहा कि भोजपुरी साहित्य के विकास में चंचरीक का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
इस दौरान हमीद आरजू, रामजी कुशवाहा, डॉ. सच्चिदानंद पांडेय, डॉ. शैलेंद्र असीम, डॉ. मोहन पांडेय भ्रमर,डॉ. संपूर्णानंद द्विवेदी, अक्षय गिरी, मधुसूदन मिश्र, इंद्रजीत प्रसाद, पीके सोनी और चंद्रहास वर्मा आदि मौजूद रहे।