सुकरौली। कस्बे के टूटी में आयोजित विष्णु महायज्ञ के चौथे दिन प्रवचन में शिव और शक्ति से जुड़ा मार्मिक प्रसंग सुनाया गया। कथावाचक टुनटुन बाबा ने मां पार्वती के मायके जाने की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
कथा के दौरान उन्होंने बताया कि मां पार्वती ने भगवान भोलेनाथ के मना करने के बावजूद अपने मायके जाने का निर्णय लिया। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने पारिवारिक मर्यादा, सम्मान और जीवन के निर्णयों में विवेक की महत्ता पर प्रकाश डाला। टुनटुन बाबा ने कहा कि यह कथा हमें रिश्तों में संतुलन और संवाद बनाए रखने की सीख देती है।
प्रवचन के दौरान श्रद्धालु पूरे मनोयोग से कथा का श्रवण करते रहे। ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया। महायज्ञ स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही और विधि-विधान से पूजन-अर्चन व हवन का क्रम चलता रहा।
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। संवाद