कुशीनगर। शहर के छावनी के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद गर्भवती के पेट में काटन छोड़ने के मामले में डीएम के आदेश सीएमओ ने जांच बैठा दिया है। वहीं दर्द से परेशान महिला का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। दर्द आराम नहीं होने पर ऑपरेशन करना पड़ सकता है, ऐसा डॉक्टरों का कहना है। महिला ने बताया कि इलाज के बाद भी अभी दर्द बना है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पचफेड़ा गांव निवासी यसमीता को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन 28 अक्तूबर 2025 को पिपरपाती एएनएम सेंटर पर ले गए। आरोप है कि हालत गंभीर बताकर निजी एंबुलेंस से शहर के छावनी में संचालित एक निजी अस्पताल में गर्भवती महिला को भेज दिया गया, जहां ऑपरेशन से महिला को बेटा पैदा हुआ। सात दिन बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
यसमीता की सास लक्ष्मी देवी ने बताया कि घर जाने के बाद से महिला के पेट में दर्द बना रहा, दस दिन बाद दोबारा निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद कुछ दिन तक दर्द होता है। दर्द की दवा देकर भेज दिए। इसके बाद भी दर्द आराम नहीं हो रहा था। इसके बाद प्रसूता मेडिकल कॉलेज पहुंची और डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराया।
इसमें पता चला कि प्रसूता के पेट में ऑपरेशन के दौरान काटन छोड़ दिया गया है, इससे पेट में दर्द रह रहा है। सोमवार को लक्ष्मी देवी अपनी बहू के साथ डीएम से मिलकर शिकायत की। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने का निर्देश दिया, इसके बाद सीएमओ को मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगा है।
महिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती है, उसने बताया कि दर्द से पूर्ण रूप से आराम नहीं हो रहा है। डॉक्टर राउंड पर दोपहर में आए थे, बताए कि दो दिन तक दवा खाओ, आराम नहीं होने पर ऑपरेशन कर काटन निकाला जाएगा। सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।