हाटा। हाटा तहसील क्षेत्र में आधार कार्ड बनवाने के नाम पर लोगों से रुपये वसूले की बात सामने आ रही है। मुफ्त में बनने वाले इस पहचान पत्र के लिए रुपये की वसूली इसके फीस के नाम पर की जा रही है। प्रशासन की ओर से आधार कार्ड बनाने का जिम्मा प्राइवेट फर्म को दिया गया है, लेकिन इसकी कार्य प्रणाली पर नजर रखने के लिए प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। शासन की ओर से हर नागरिक को आधार कार्ड मुहैया कराने की योजना के तहत वेंडरों को जिम्मा साैंपा गया है। इसके तहत वेंडरों को गांव-गांव कैंप लगाकर आधार कार्ड बनाने का कार्य करना है। इसके लिए कोई शुल्क नागरिकों से नहीं लेना है, लेकिन वेंडर गांवों में कैंप लगाकर आधार कार्ड बनाने के दौरान प्रति व्यक्ति 20 रुपये की वसूली कर रहे हैं। नि:शुल्क सुविधा होने की बात करने वाले लोगों का वेंडर के आदमी कार्ड बनाने से इंकार कर दे रहे हैं। कार्ड बनाने का कार्य करने वालों का कहना है कि रुपये दे कर जिसे कार्ड बनवाना है वह बनवाए। अगर रुपये नहीं देंगे तो कार्ड नहीं बन पाएगा। शनिवार को हाटा विकास खंड के गांव मुंडेरा उपाध्याय में एक घर में आधार कार्ड बनाने का कार्य चल रहा था। गांव के मिश्री सिंह कार्ड बनवाने के लिए वहां खडे़ थे। जब उनसे पूछा गया कि कार्ड के लिए क्या करना पड़ रहा है। तो उनका जवाब था फीस जमा कर दिया हूँ, फॉर्म भर दिया गया है।
फोटो के खिंचवाने का इंतजार कर रहा हूँ। जब उनसे कहा गया कि यह कार्ड तो नि:शुल्क बनना है तो उन्होंने कहा कि बगैर फीस जमा किए फॉर्म ही नहीं भरा जा रहा है तो कार्ड कैसे बनेगा। इसके बाद वही मौजूद रामसेवक गुप्ता से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि बगैर फीस के यहां कोई सुनने वाला नहीं है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी टीपी मिश्रा का कहना है कि गांवों में कौन सी एजेंसी आधार कार्ड बना रही है इसकी जानकारी नहीं है। कई अन्य लोगों से भी गांवों में आधार कार्ड बनाने और उसके लिए फीस की बात बताई गई है। जिले से इसके बारे में जानकारी लेने के बाद देखता हूँ क्या मामला है।