कोटवा बाजार। नेबुआ नौरंगिया थानाक्षेत्र के सौरहा खुर्द गांव के नंदन छपरा टोला में एक चार वर्ष की बच्ची की इंसेफेलाइटिस से मौत हो गई है। उसका इलाज मेडिकल कालेज में चल रहा था। दो माह के भीतर इस गांव में इंसेफेलाइटिस से चार बच्चों की मौत हो चुकी है। इस बीमारी को लेकर गांव के लोगों में भय बना हुआ है।
सौरहा खुर्द गांव के नंदनछपरा टोला निवासी आलमीन अंसारी की चार वर्षीया पौत्री नूरी को 22 अक्टूबर को तेज बुखार हुआ। परिवार के लोग उसे लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नेबुआ नौरंगिया गए, जहां दो दिन इलाज के बाद डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को नूरी की मौत हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी मौत इंसेफेलाइटिस के कारण हुई है। इस गांव में एक के बाद एक बच्चों की इंसेफेलाइटिस से मौत होने से लोग भयभीत हैं। क्योंकि एक सप्ताह पहले इस गांव के जउरही टोला में मजहर हुसेन की दो बेटे सैफ अली की 16 तारीख को और दानिश की 17 को इंसेफेलाइटिस से मौत हो गई थी। इस गांव के पिपरपाती टोले के श्यामबदन कुशवाहा के एक वर्ष के बेटे अंकित की 21 अगस्त को मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। यहीं के रामवृक्ष साहनी का पांच वर्षीय बेटा रिंकू भी इंसेफेलाइटिस की चपेट में आने से सात सितंबर को दुनिया से चल बसा। लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा है। इस संबंध में नेबुआ नौरंगिया पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एचके गौतम का कहना था कि विभागीय टीम वहां जाकर दवा वितरित कर रही है। स्वयं जाकर गांव का दौरा कर चुका हूं। गांव में गंदगी के कारण ही इस बीमारी का प्रकोप बढ़ा है।