कुशीनगर। खराब मौसम ने कृषि को भले ही काफी क्षति पहुंचाई है, पर इसके बाद का असर कुशीनगर के पर्यटन उद्योग के लिए मुफीद साबित हो रहा है। मौसम का रुख बदलते ही कुशीनगर में सैलानी आने लगे हैं। सोमवार को थाईलैंड, वर्मा और श्रीलंका के पर्यटकों का दल यहां पहुंचा। इससे बुद्धनगरी की रौनक बढ़ गई है।
कुशीनगर में अक्टूबर से पर्यटकों के आने का सिलसिला तेज हो जाता है। पर इस माह के शुरुआती दिनों में पर्यटकों का कोई खास दल नहीं आया। पिछले हफ्ते मौसम का रुख एकाएक बदला। बारिश और आंधी के बाद से गुलाबी ठंड पड़ने लगी। उसके बाद से यहां पर्यटकों की तादाद में इजाफा हुआ है।
सोमवार को थाइलैंड, वर्मा, श्रीलंका के पर्यटकों का दल यहां पहुंचा। पर्यटकों ने सबसे पहले महापरिनिर्वाण मंदिर में जाकर पूजन करने के बाद चीवर चढ़ाया। उसके बाद वर्मी मंदिर, थाईवाट होते हुए रामाभार स्तूप पर पहुंचे। यहां स्तूप का परिक्रमा करने के बाद ध्यान लगाया और विशेष पूजा की। थाइलैंड के पर्यटकों के साथ आए एक गाइड ने बताया कि ये सैलानी दो दिन पहले बनारस आए और वहां से सीधे यहां पहुंचे हैं। यहां से शाम को इन्हें लुंबिनी जाना था। यहां के एक होटल के प्रबंधक ने बताया कि पिछले चार दिनों में यहां सबसे ज्यादा श्रीलंका, थाईलैंड और वर्मा के पर्यटक आए हैं। इसके अलावा ताइवान, वियतनाम, ब्राजील, जापान, वर्मा आदि देशों के भी इक्का-दुक्का पर्यटक भी आ रहे हैं। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से यहां पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग गदगद हैं। सहायक पर्यटन अधिकारी हरिहर शुक्ल कहते हैं कि विदेशी सैलानी हल्की ठंड पसंद करते हैं। इधर मौसम उनके लिए अनुकूल हुआ है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाए जाने की कोशिश की जा रही है। अभी यहां पर्यटकों की तादाद और बढ़ने के आसार हैं।