खड्डा। शनिवार को डीएम से आश्वासन मिलने के बाद खड्डा चीनी मिल के दैनिक वेतन भोगी मजदूर रविवार को काम के लिए चिनी मिल पहुंचे। पर चीनी मिल प्रबंधतंत्र के लोगों ने मजदूरों को काम पर लेने से मना कर दिया। इसी सदमे में एक मजदूर गश खाकर वहीं गिर गए। चीनी मिल के रवैये से आहत मजदूर आंदोलन की अगली रणनीति बनाने में जुटे हैं।
विगत दो दशकों से अधिक समय से खड्डा चीनी मिल मे ंकार्य करने वाले दैनिक वेतन भोगी मजदूरों को चीनी मिल ने इस वर्ष काम पर नहीं बुलाया है। मजदूर इसके लिए आंदोलन कर रहे हैं। शनिवार को इस चीनी मिल के मजदूर खड्डा से साइकिल रैली निकालकर जिला मुख्यालय पहुंचे थे। कलेक्ट्रेट पर डीएम से मुलाकात नहीं होने पर मजदूर उनके आवास पर धरना देने लगे। देर शाम को डीएम ने मजदूर नेताओं, तहसीलदार, डीसीओ और चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक के साथ बैठक की। बैठक के बाद डीएम ने चीनी मिल से दो टूक कहा कि यदि 24 घंटे के अंदर इन मजदूरों को काम पर वापस नहीं बुलाया गया तो चीनी मिल के जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाएगा। डीएम के इस आश्वासन के बाद मजदूरों को संजीवनी मिली और वे वापस गए। रविवार को मजदूर खुशी-खुशी चीनी मिल पहुंचे। मजदूरों को उम्मीद थी कि अब उन्हें काम मिल जाएगा। दैनिक मजदूर चीनी मिल के महत्वपूर्ण जगहों पर काम भी करते हैं। रविवार को जब मजदूर गए तो उन्हें चीनी मिल प्रबंधतंत्र के लोगों ने काम पर लेने से मना कर दिया। इससे मजदूरों को बड़ा आघात लगा। एक मजदूर समसुद्दीन चीनी मिल के गेट पर ही गश खाकर गिर गए। इनके साथ वाले मजदूरों ने तत्काल पानी छिड़ककर उन्हें होश में लाया। मजदूरों का कहना है कि चीनी मिल प्रबंधतंत्र के लोग बार-बार वादाखिलाफी कर रहे हैं। चीनी मिल प्रबंध तंत्र के रवैया से मजदूरों के परिवार के परवरिश की चिंता बढ़ गई है। काम नहीं मिला तो उनके परिवार के सामने रोटी का संकट आ गया है। चीनी मिल से निराश होकर मजदूर एक बार फिर अपने नेता चित्रसेन द्विवेदी के आवास पर पहुंच गए। उनके आवास के सामने ही बैठक कर मजदूर नए आंदोलन की रूपरेखा तैयार की।