पडरौना। बृहस्पतिवार को शिक्षामित्र नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। शिक्षामित्रों की मांग थी कि देश के अन्य राज्यों की भांति इस प्रदेश में भी उन्हें सहायक अध्यापक बनाने की प्रक्रिया तेज की जाए। कहा कि महंगाई के इस दौर में प्रदेश के शिक्षा मित्रों को पूरे देश में सबसे कम मानदेय मिल रहा है। शिक्षामित्रों ने अपनी कई मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करने वाले शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश के लगभग एक लाख सत्तर हजार शिक्षामित्र परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत हैं। पूरी निष्ठा से शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षा मित्रों को अन्य प्रदेशों की अपेक्षा कम मानदेय मिलता है। उन्होंने कहा कि इस बात को बेसिक शिक्षा मंत्री अपने बयान में कहते रहे हैं कि शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाया जाना चाहिए। शिक्षा मित्रों की मांग है कि लगभग 13 वर्षों से कार्यरत शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पर समायोजन के लिए संशोधित बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 में टीईटी से मुक्त रखा जाए। प्रशिक्षणरत शिक्षामित्रों का परीक्षाफल घोषित करते हुए शासनादेश के अनुसार प्रशिक्षण सत्र नियमित किया जाए, ताकि जनवरी 2014 से शिक्षक पद पर समायोजन प्रारंभ हो सके। विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुआें की भांति शिक्षक वेतनमान 12 माह की स्वीकृति 01 अप्रैल 2013 से लागू किया जाए। शिक्षामित्रों की मांग थी कि इस संबंध में शासनादेश लागू किया जाए। प्रदर्शन करने वाले में प्रदेशीय संगठन मंत्री भारतीय यादव, संजय श्रीवास्तव, मनोज पंाडेय, गोपाल, अनिल, सुजीत, योगेंद्र, राकेश, गोविंद, रामकुमार, रिमझिम, संतोष आदि शिक्षामित्र मौजूद रहे।