नेबुआ नौरंगिया। गांव देवगांव स्थित प्राथमिक विद्यालय विजयपुर सेकेंड पर दोपहर का भोजन तो बन ही नहीं रहा है यहां के बच्चों को पीने के पानी के भी लाले पड़े हैं। शिक्षामित्र और शिक्षक गांव से बर्तन मांग कर पानी की व्यवस्था कर रहे हैं, जिसमें से बच्चों को एक-एक गिलास पानी मिल रहा है।
प्राथमिक विद्यालय विजयपुर द्वितीय पर छात्रों की कुल संख्या 112 है। विद्यालय पर एक अध्यापक, दो शिक्षामित्र और तीन रसोइया कार्यरत हैं। बृहस्पतिवार को विद्यालय पर उपस्थित शिक्षामित्र रामप्रवेश बच्चों को पीने के पानी की व्यवस्था में लगे थे। गांव से बर्तन मांगकर उसमें पानी ला रहे थे। उसी पानी से एक-एक गिलास बच्चों को बंाट रहे थे। विद्यालय की छात्रा गोल्डी, गुड़िया, रूबी, चंद्रेश आदि बच्चों ने बताया कि खाना तो एक माह से नहीं बन रहा है। अब पानी के लिए भी तरसना पड़ रहा है। मास्टर और रसोइया गांव से पानी लाते हैं, जिसमें से एक-एक गिलास पानी पीने को मिलता है। वहीं शिक्षामित्र रामप्रवेश का कहना है कि इंडिया मार्क टू हैंडपंप का पानी पीने के लिए प्रचार प्रसार चाहे जितना भी किया जा रहा हो, लेकिन वास्तविकता यही है कि बच्चों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। विद्यालय पर 15 दिन में एक अदद हैंड पंप तक नहीं लग पाया है। गांव के प्रधान हेमंत कुमार शुक्ल का कहना है कि कनवर्जन कास्ट के अभाव में दोपहर का भोजन नहीं बन पा रहा है। पानी के संबंध में इनका कहना है कि पंप लगाने वाले ठेकेदार की लापरवाही से विद्यालय के बच्चों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।