खड्डा। किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताआें का तेवर भी उग्र हो चला है। बृहस्पतिवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष की अगुवाई में मठिया तिराहे पर खड्डा-पडरौना मार्ग को जाम कर दिया। बीच सड़क पर गन्ना और धान जलाकर कार्यकर्ताओं ने अपने गुस्से का इजहार किया। सड़क जाम हो जाने से इस मार्ग पर घंटों आवागमन ठप रहा।
भाकियू की ओर से चलाए जा रहे प्रदेश व्यापी चक्का जाम आंदोलन के क्रम में बृहस्पतिवार को कार्यकर्ताओं ने खड्डा क्षेत्र के मठिया तिराहे पर सड़क जाम किया। इससे लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतें हुईं। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रणजीत सिंह ने कहा कि सरकार के गन्ना वैज्ञानिकों ने ही गन्ने की लागत में 23 प्रतिशत बढ़ोत्तरी की बात कही है। ऐसे में गन्ने का दाम 350 रुपये किया जाए। जनपद की चीनी मिलों को तुरंत चालू कराते हुए किसानों का बकाया गन्ना मूल्य दिलाया जाए, धान की खरीद तुरंत चालू हो। जनपद के समस्त सहकारी बैंकों में ठप पड़े लेन-देन को तुरंत शुरू किया जाए, खड्डा-भुजौली मार्ग तुरंत बनवाया जाए, खड्डा क्षेत्र में नारायणी नदी के तट पर बसे किसानों के खेतों की फसलें कट गई हैं। सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दिया जाए। साथ ही सरकारी बैंकों के सम्पूर्ण कर्जे माफ हों। खड्डा के बैंकों में केसीसी में लूटपाट बंद की जाय।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक वर्ष पहले तक डीएपी का दाम 470 रुपये/बोरी था, वह अब 1200 रुपये प्रति बोरी मिल रहा है। सपा सरकार मिल मालिकों को छूट दे रही है लेकिन किसान अपना गन्ना 120 रुपये/कुंतल पर बेंचने को मजबूर है। उसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है।
सभा करने के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने सड़क पर गन्ना एवं धान जलाकर अपना विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और उसे जमकर कोसा। इस जाम और विरोध-प्रदर्शन में रमाकांत तिवारी, लक्ष्मीना देवी, आत्माराम गुप्त, राजेंद्र यादव, हरिलाल भारती, कोदई, बिकानू, राजेंद्र चौधरी, रवींद्र शर्मा, किस्मती देवी सहित भाकियू के ढेर सारे कार्यकर्ता मौजूद थे।