तमकुहीरोड। तमकुहीरोड में छह जगहों से ताजिये बृहस्पतिवार की रात को आठ बजे से उठेंगे। ताजियों को रातभर कस्बे के विभिन्न मार्गों से होते हुए शुक्रवार की दोपहर उनके निर्धारित चौक पर पहुंचाया जाएगा। पुन: ताजिए शुक्रवार को दोपहर में उठाए जाएंगे और उसके बाद शाम को उनको दफन कर दिया जाएगा। कस्बे के ताजियादारों का कहना है कि इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस साल ताजिए राष्ट्रीय एकता को समर्पित होंगे।
मोहर्रम के पहले रोज छह नवंबर से तमकुहीरोड में ताजिया के जुलूस की तैयारी अब अंतिम दौर में है। इस दौरान खेल कौशल का प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी जहां अपने अभ्यास को पूरा करने की तैयारी में हैं, वहीं ताजियेदार अपने ताजियों को अंतिम रूप देने में लगे हैं। शाकिर अली, हिदायतुल्लाह सिद्दीकी और रकीब आलम का कहना है कि इस बार भी ताजिये राष्ट्रीय एकता को समर्पित होंगे और इन ताजियों में राष्ट्रीय एकता को प्रदर्शित किया जाएगा। इन लोगों के अनुसार बृहस्पतिवार की रात में करीब आठ बजे से सभी छह चौक से ताजिए एक साथ उठ जाएंगे और खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए शुक्रवार को सुबह अपने चौक पर आ जाएंगे। शुक्रवार को पुन: यही छह ताजिये दोपहर में एक साथ उठेंगे और देर शाम इन ताजियों को कर्बला में दफन कर दिया जाएगा।
तमकुहीरोड के अहले सुन्नत-ए-वैत ताजिया अखाड़ा नंबर एक का ताजिया गांधीनगर के पुरानी मस्जिद से उठेगा। इसी तरह हुसैनी ताजिया अखाड़ा नंबर दो का ताजिया तुर्कवलिया से उठेगा। शहीद-ए-कर्बला ताजिया अखाड़ा नंबर चार से ताजिया सीसी रोड से उठेगा। यादगार-ए-हुसैन ताजिया अखाड़ा नंबर चार का ताजिया टिकुलिया से उठेगा। इसी तरह आजाद ताजिया अखाड़ा नंबर पांच का ताजिया दर्जी टोला, अंबेडकरनगर से उठेगा। शान-ए-कर्बला ताजिया अखाड़ा नंबर छह का ताजिया आजाद चौक से उठाया जाएगा।