पडरौना। राज्य कर्मचारियों ने हड़ताल करके अपने मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी विभागीय कार्यों को नहीं किए। कर्मचारियों की बैठक चलती रही। कर्मचारियों ने आह्वान किया कि हड़ताल के प्रत्येक दिन सभी कर्मचारी जिला मुख्यालय पहुंचे। कर्मचारियों के हड़ताल का जबरदस्त प्रभाव देखने को मिला।
पूरे प्रदेश के राज्यकर्मचारी मंगलवार से हड़ताल पर चले गए हैं। पूरे जिले में कर्मचारियों ने काम काज ठप रखा। इससे फरियादियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन परिसर में धरनारत कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष वीपी पाल ने कहा कि कर्मचारियों हक के लिए संघ के नेता सरकार से लगातार संपर्क में रहकर मांग करते रहे हैं। लेकिन सरकार ने हमारी मांगों को अनसुना कर दिया। इसी के बाद संगठन के प्रदेश नेतृत्व ने हड़ताल कर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। उन्होंने सभी विभागों के कर्मचारियों से कहा कि वे कार्य का बहिष्कार कर दें तथा धरने में उपस्थित होकर आंदोलन की धार तेज करें। धरने में विकास भवन, स्वास्थ्य भवन, कलेक्ट्रेट, वाणिज्य कर, परिवहन विभाग के साथ अन्य विभागों के कर्मचारियों ने भी सहभागिता की। इस दौरान योगेद्रं द्विवेदी, अरविंद राय, रविंद्र मिश्र, केके मिश्र, दीनबंधू मद्धेशिया, अरविंद तिवारी, भागवत राजभर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। पडरौना तहसील के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। इन लोगों ने तहसील परिसर में धरना दिया। वहीं रामकोला विकास ख्ंाड पर भी कर्मचारियों ने ताला जड़कर धरने पर बैठ गए। इस दौरान अरविंद कुमार सिंह, त्रिपुरेश मल्ल, सुनील कुशवाहा, अखिलेश सिंह, रमेश सजीवन, हरीओम शुक्ला, कैलाश मिश्र, मजरूल हक, पवन राव, जेपी सिंह सहित लगभग सभी ब्लॉक कर्मी मौजूद रहे।
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राज्य कर्मचारियों ने सरकार को कोसा
बैठक कर सरकार की नीतियों की आलोचना की
अमर उजाला ब्यूरो
कसया। राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के आह्वान पर आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी विभागों के राज्य कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने पहले घूम-घूमकर सभी विभागों में कार्य बहिष्कार कराया फिर लोक निर्माण विभाग के परिसर में बैठक कर सरकार की नीतियों की आलोचना की।
बैठक में लोक निर्माण विभाग कर्मचारी संघ, स्वास्थ्य, सिंचाई कर्मचारी संघ, तहसील लेखपाल संघ, संग्रह अमीन संघ आदि संगठनों से जुड़े कर्मचारी उपस्थित रहे। कर्मचारी नेता रमेश सिंह, शंभू यादव, अरविंद तिवारी, नीलेश राव, अयोध्या प्रसाद आदि ने आरोप लगाया कि सरकार राज्य कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है। सरकार की उपेक्षापूर्ण नीति की देन है कि कर्मचारियों अनेक विसंगतियों का शिकार होकर मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। बाध्य होकर कर्मचारी हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए हैं। यदि सरकार ने मांगों को अनसुना किए तो आवश्यक सेवाओं को भी हड़ताल में शामिल कर लिया जाएगा। महेंद्र यादव, अजय श्रीवास्तव, मदन यादव, कैलाश सिंह, सुभाष यादव, रामानंद प्रसाद, फिरोज शाही आदि कर्मचारी शामिल रहे।