पडरौना। नेताओं की वादाखिलाफी से आजिज गांव वाले इस बार लामबंद हो गए हैं। गांव के लोगों ने मन बना लिया है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में वोट उसी को दिया जाएगा, जो गांव में बिजली लगवाएगा। इसके लिए गांव के लोगों ने गांव के प्रवेश मार्ग पर बैनर लगा दिया है कि वोट लेना है तो बिजली लेकर आओ। बिजली नहीं तो वोट नहीं।
विशुनपुरा विकास खंड के गांव सहोदर पट्टी एक ऐसा गांव है, जहां के लोग आजादी के 65 वर्ष बाद भी लालटेन युग में जीवन यापन कर रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि हर बार चुनाव आते ही नेता यहां आते हैं तथा वादा करते हैं कि चुनाव बाद यह गांव बिजली से रौशन होगा। चुनाव बीत जाने के बाद कोई नेता उस गांव की सुध नहीं लेता है। संचार क्रांति के युग में भी अपनों के करीब रहने के लिए इस गांव के लोगों को मोबाइल चार्ज करने के लिए एक किलोमीटर दूसरे गांव जाना पड़ता है। इस गांव के लोगों के लिए टीवी, फ्रीज, कूलर आदि भौतिक सुख सुविधा सपने की बात है। आधुनिक युग में इस गांव के छात्रों को पढ़ाई करने के लिए पडरौना शहर में क्वार्टर लेना पड़ता है। इसके कारण गांव के गरीब परिवार के बच्चों की पढ़ाई भी ठीक से नहीं हो पाती है। शाम होने के बाद पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है, जिसके कारण यहां किसी अनहोनी की आशंका हमेशा बनी रहती है। इस बार के चुनाव में यहां के लोग लामबंद हो गए हैं। गांव के सद्दाम हुसैन, अजहरूद्दीन, गुलाब हुसैन, भरथ यादव, अनिल, नसरूद्दीन, रविंद्र भारती, राजेश कुशवाहा, इंद्रजीत यादव, हफीज अंसारी, मोहन तथा मन्नू आदि का कहना है कि इस बार के चुनाव में उसी नेता को वोट दिया जाएगा, जो गांव में बिजली लगवाएगा। इसके लिए इन लोगों ने गांव में प्रवेश करने वाले मुख्य रास्ते पर एक बैनर लगा दिया है। गांव के लोगों का कहना है कि इस बार किसी नेता को गांव में नहीं जाने दिया जाएगा, जब तक गांव में बिजली लगवाने के लिए पोल, तार आदि नहीं गिरा दिया जाता।