पडरौना (कुशीनगर)। बकरी पालन के जरिए रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पशुपालन विभाग ने योजना शुरू की है। इच्छुक व्यक्तियों को इस योजना के तहत लागत का 50 प्रतिशत बैंक से कर्ज मिल सकेगा। एक चौथाई धनराशि पशुपालन विभाग अनुदान के रूप में देगा। विभाग उन्नति प्रजाति की बकरियां भी मुहैया कराएगा।
कुशीनगर जनपद में बकरी पालन में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। यहां बकरियों की अच्छी कीमत मिल रही है। बकरी पालन में खर्च भी अन्य पशुओं की अपेक्षा कम है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पशुपालन विभाग ने बकरी पालन योजना की शुरुआत की है। बकरी पालन के लिए 3.75 लाख रुपये लगाने होंगे। इसका 50 प्रतिशत बैंक से कर्ज मिलेगा, जबकि 25 प्रतिशत धनराशि खुद लगानी पड़ेगी। 75 प्रतिशत धनराशि मिलने के बाद पशुपालन विभाग आवेदनकर्ता को एक चौथाई धनराशि अनुदान के रूप में देगा। इस योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति को पांच बकरे और 95 बकरियां उपलब्ध कराई जाएंगी। पशुपालन विभाग का दायित्व होगा कि वह अनुदान देने के साथ अच्छी नस्ल के जैसे बर्बरी, गेंडेड बर्बरी आदि की बकरियां उपलब्ध कराए। योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित ब्लाक के प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी से संपर्क करना होगा।
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यह योजना बकरी पालन के जरिए जरूरतमंद लोगाें को रोजगार उपलब्ध कराने की है। पशुपालन विभाग इच्छुक व्यक्ति को निर्धारित शर्तों पर अनुदान के साथ अच्छी प्रजाति के बकरे और बकरियां उपलब्ध कराएगा। लाभार्थियों की संख्या सीमित है। इसलिए इच्छुक व्यक्ति अपने ब्लाक के प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी से मिलकर शीघ्र आवेदन कर सकते हैं।
डा. विजय सिंह
अपर निदेशक (ग्रेड-2) पशुपालन विभाग गोरखपुर मंडल गोरखपुर