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जलस्तर में हुई वृद्धि, फिर बढ़ा अहिरौलीदान में कटान का खतरा

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जलस्तर में हुई वृद्धि, फिर बढ़ा अहिरौलीदान में कटान का खतरा
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अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। गंडक नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहने के साथ ही अहिरौलीदान में कटान का खतरा फिर बढ़ गया है। नदी के जलस्तर में तो वृद्धि हो ही रही है, कटान का सिलसिला भी तेज हो गया है। कटान रोकने के लिए जगह-जगह बोल्डर और मिट्टी से भरे बोरे रखे गए थे, वह कटान की चपेट में आ गए हैं। कटान के कारण कचहरी टोला और खैरखुटा के कई पक्के भवनों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। कटान का दायरा बढ़ते देख गांव वालों की चिंता बढ़ गई है। इसके साथ ही एपी बांध पर भी दबाव बढ़ गया है।
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एक सप्ताह तक शांत रहने के बाद अहिरौलीदान में गंडक नदी बुधवार से फिर उफान पर है। इससे कचहरी टोला, खैरखुटा, नोनिया पट्टी, मदुरही और दलित बस्ती पर खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर बोल्डर और मिट्टी से भरे बोरों से कराए गए कार्य भी नदी में विलीन हो गए है। जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह पटेल की बहुमंजिली इमारत और पूर्व प्रधान मजिस्टर पासवान के मकान के साथ ही सूर्यदेव सिंह, गोरख सिंह, रविंद्र सिंह, भगवान पासवान, सत्येंद्र सिंह, रामपूजन, विरेश सिंह, उमेश सिंह समेत कई लोगों के मकानों पर कटान का खतरा बढ़ गया है। खतरा बढ़ते देख कुछ लोगों ने अपना सामान भी हटाना शुरू कर दिया है। गांव के लोगों का कहना है कि नदी में दोबारा आए उफान से नदी और एपी बांध के बीच की दूरी का लगातार घट रही है। लोगों को यह चिंता सता रही है कि अगर एपी बांध पर गंडक नदी का दबाव बढ़ा तो कई और गांव भी कटान की जद में आ जाएंगे।
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