जटहां बाजार। बिहार बार्डर पर स्थित अरनहवा गांव के गोंड़ टोली को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले पुल का निर्माण पिछले 10 वर्षों से अधूरा है। पुल के अभाव में लोगों को पांच किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत लोगों को बरसात में उठानी पड़ रही है। लापरवाही का आलम यह है कि भुगतान होने के बाद भी जिम्मेदारों ने निर्माण को पूरा नहीं करा पाये हैं।
विशुनपुरा ब्लॉक के अरनहवा गांव के गोंड़ टोली के पास वर्ष 2008-09 में पूर्वांचल विकास निधि से 5.54 लाख रुपये की लागत से पुल निर्माण के लिए ब्लॉक में धन आया था। ब्लॉक की तरफ से कार्यदायी संस्था क्षेत्र पंचायत को नामित किया गया। कार्य की शुरुआत में दोनों तरफ केवल दीवाल चलाकर कार्य को अधूरा छोड़ दिया गया है। पिछले 10 वर्षों से अधूरा पुल की सुधि लेने कोई अफसर भी मौके पर नहीं पहुंचा। गांव के जितेंद्र यादव, योगेंद्र, राजू, सत्यनारायण का आरोप है कि जिम्मेदारों ने दीवाल चलवाकर धन का बंदरबांट कर लिया है। उनका कहना है कि उन्हें गांव में आने और जाने के लिए पांच किलोमीटर दूरी का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
बीडीओ बोले:
विशुनपुरा ब्लॉक के बीडीओ अंबरीश कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले की जानकारी नहीं थी। अभिलेखों की जांच की जाएगी। जो भी जिम्मेदार होंगे, उन पर कार्रवाई होगी। अधूरे पुल को हर हाल में पूरा कराया जाएगा।