पडरौना। लोकसभा व विधानसभा के उपचुनाव में भाजपा की हार से विरोधियों का हौसले बुलंद है। इसी का नतीजा है कि जिले में दुदही के बाद विशुनपुरा के ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी तेज हो गई है। आश्चर्य की बात यह है कि इन दोनों जगह के ब्लॉक प्रमुख भाजपा से जुड़े हैं। विरोधी सदस्यों ने अपना पक्ष मजबूत करने के लिए दावतों का सिलसिला शुरू किया है। एक जगह तो भाजपा ही अंतर्कलह की शिकार है तो दूसरी जगह विरोधी खेमा को सपा का समर्थन बताया जा रहा है।
दुदही ब्लॉक की प्रमुख कुसमावती देवी के पति ओमप्रकाश वर्मा जिला पंचायत सदस्य हैं और लंबे समय से हिंदू युवा वाहिनी के सहयोगी संगठन विश्व हिंदू महासंघ से जुड़े हैं। फिलहाल भाजपा के सभी प्रमुख कार्यक्रमों में ओमप्रकाश मौजूद रहते हैं। यहां एक पखवारे से ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा है। विरोधी खेमा भी भाजपा से ही जुड़ा बताया जा रहा है। फजीहत से बचने के लिए सोमवार की शाम को खुद भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश शाही दुदही बाजार पहुंचे और ब्लॉक सभागार में कई बीडीसी सदस्यों व भाजपा नेताओं के साथ बैठक कर समस्या समाधान का प्रयास हुआ। इसके अलावा तीन सदस्यीय कमेटी भी बनी जो बीच का रास्ता निकालेगी। इसी तरह विशुनपुरा ब्लॉक की प्रमुख कंचन जायसवाल का भाजपा से पुराना नाता है। पडरौना नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन कन्हैया जायसवाल की बहू कंचन के पति अमित उर्फ गोल्डी जायसवाल भी भाजपा से जुड़े हैं और कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के करीबी हैं। यहां विपक्षी सदस्यों को सपा का समर्थन है। चर्चा है कि कई सपा नेता विरोधी सदस्यों के साथ हैं और अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए संख्या बल जुटाई जा रही है। यहां विरोधी खेमा 50 सदस्यों के समर्थन का दावा कर रहा है। यहां बहुमत के लिए 64 सदस्यों की जरूरत है और विरोधी खेमा दो से तीन दिन में यह संख्या जुटाकर डीएम के सामने अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस देगा। भाजपा सूत्रों की मानें तो पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों को दोनों ब्लॉक के नाराज सदस्यों को मनाने व ब्लॉक प्रमुखों को इस संकट से निकालने की जिम्मेदारी दी गई है।