पडरौना। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी शनिवार को जिलेभर में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान नगर के रामलीला मैदान में 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले में आग लगते ही आतिशबाजी शुरू हो गई, जो काफी देर तक जारी रही। इस दौरान दशानन धू-धूकर जल उठा।
पडरौना में भव्य मेला लगा। रामलीला मैदान में लगने वाले इस पारंपरिक मेले का हजारों लोगों ने लुत्फ उठाया। बच्चों ने खिलौैने और मिठाइयों की खरीदारी की तो महिलाएं और युवतियों की ज्यादातर भीड़ सौंदर्य प्रसाधनों की दुकानों पर रही।
रामलीला मैदान में आतिशबाजी के लिए पटाखे ही करीब 50 हजार रुपये के लगाए गए थे। रावण दहन देखने के लिए लोगों का हुजूम रामलीला मैदान की ओर उमड़ पड़ा था। रामलीला कलाकारों ने रामलीला का मंचन किया। इसके बाद आयोजकों ने सायं 6 बजे रावण दहन किया। आतिशबाजी देखने के साथ-साथ बच्चों ने मेले में जमकर खरीदारी की।
इस दौरान पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह, विधायक अजय कुमार लल्लू और कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी भी रावण दहन के दौरान मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था में भारी पुलिस फोर्स तैनात रही। मेला खत्म होते ही पडरौना नगर की सभी सड़कें जाम हो गईं। भीड़ इतनी अधिक थी कि लोगों को वहां से निकलने में ही घंटों लग गए। सबसे अधिक दिक्कत तो वाहन चालकों को हुई।
विसर्जित हुईं दुर्गा प्रतिमाएं
पडरौना। सप्तमी से नवमी की रात तक पूरे विधिविधान से दुर्गा प्रतिमाओं की पूजा के बाद शनिवार रात में उनका विसर्जन कर दिया गया। दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था से उनका विसर्जन किया। पडरौना में 28 स्थानों पर दुर्गा पंडाल सजाए गए थे, जिनमें से अधिकांश प्रतिमाओं का शनिवार को विसर्जन कर दिया गया। इनके अलावा पडरौना से सटे मटिहनिया खुर्द, मटिहनिया बुजुर्ग, अहिरौली दीक्षित, अहिरौली बुजुर्ग, रामपुर खुर्द सहित कई गांवों की मूर्तियां शनिवार को खिरकिया स्थित झरही नदी में विसर्जित कर दी गईं।