शासन के निर्देश पर पंचायतीराज विभाग की ओर से जनपद के सभी चौदह ब्लॉकों में शनिवार को ग्राम पंचायत समिति का गठन किया जाना था। इसके लिए एडीओ पंचायत सहित अन्य एडीओ, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी और रोजगार सेवकों की ड्यूटी लगाई गई थी। सुबह दस बजे से ग्रामीण जनता की मौजूदगी में ग्राम समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू की गई।
सुकरौली के एडीओ पंचायत दिनेश कुमार राय ने बताया कि ब्लॉक में कुल 77 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें 62 ग्राम पंचायतों का गठन शनिवार को कर लिया गया। 14 ग्राम पंचायतों में समिति का गठन इसलिए नहीं हो सका क्योंकि वहां पंचायत सदस्यों की संख्या दो तिहाई से कम थी, जबकि एक गांव अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होने के कारण वहां चुनाव नहीं हुआ था।
उधर पडरौना ब्लॉक के रहसू खुदरा गांव में नौ सदस्यों के बैठक का बहिष्कार कर देने की सूचना है। ये सदस्य नए ग्राम प्रधान से पिछले कार्यकाल में कराए गए कार्यों का ब्योरा मांग रहे थे, जो नहीं मिल पाया था।
पिपरा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार को विशुनपुरा ब्लॉक की 80 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत समितियों का गठन होना था। ढोरही ग्राम पंचायत के सेक्रेटरी बैरिस्टर गुप्त दिन के लगभग दो बजे गांव में पहुंचे, जहां नवनिर्वाचित प्रधान, 11 सदस्य और कई अन्य लोग उनके इंतजार में बैठे थे। प्रधान सुरेंद्र यादव और सदस्यों ने सेक्रेटरी से एजेंडे के अनुसार कार्रवाई प्रारंभ करने को कहा। प्रधान और सदस्यों का आग्रह था कि पिछली कार्रवाई का विवरण गांववालों को सुनाया जाए, लेकिन सेक्रेटरी ने अपने पास कोई अभिलेख नहीं होने का हवाला देते हुए कार्रवाई सिर्फ समिति के गठन तक सीमित रखने की बात कही। इस पर गांववालों ने नाराजगी जताते हुए उन्हें अपने बीच बैठा लिया और उनसे उच्चाधिकारी को बुलाने को कहा। बाद में सेक्रेटरी ने प्रधान, सदस्यों और मौके पर जुटे गांववालों से आगामी बैठक में सारे अभिलेख और चॉबी आदि लाने का आश्वासन दिया, तब जाकर शाम के लगभग साढ़े छह बजे लोगों ने उन्हें जाने दिया। प्रधान ने कहा कि सेक्रेटरी से पिछली कार्रवाई का ब्योरा, आय-व्यय, विकास कार्यों, पंचायत भवन की चॉबी, सफाई कर्मचारी की उपस्थिति पंजिका आदि की मांग की गई, लेकिन उनके पास इनमें से कुछ नहीं था। जबकि सेक्रे टरी बैरिस्टर गुप्त का कहना था कि गांववालों ने पिछली कार्रवाई की पुष्टि की मांग की, लेकिन अभिलेख पास नहीं थे। अगली बैठक में सारे अभिलेख साथ लाए जाने हैं।
कोटवा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में भी ग्राम समितियों का गठन होना था। अन्य गांवों में तो समितियों का गठन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया, लेकिन मड़ार बिंदवलिया गांव में निर्माण समिति के गठन को लेकर दो पक्षों में हाथापाई हो गई। लेकिन अन्य लोगों ने बीच बचाव कर विवाद शांत कराया। एडीओ पंचायत आशिक अली ने बताया कि 74 गांवों में समिति का गठन हो गया है।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र की 75 ग्राम सभाओं में से 72 में शनिवार को ग्राम पंचायत समितियों का गठन कर लिया गया। इस दौरान एडीओ पंचायत, सेक्रेटरी सहित अन्य लोग मौजूद थे।
ग्राम पंचायत समितियों के गठन के लिए एडीओ पंचायत सहित अन्य एडीओ, ग्राम विकास अधिकारी, सेक्रेटरी तथा रोजगार सेवकों की ड्यूटी लगाई गई थी। लगभग 90 प्रतिशत गांवों में शनिवार को ग्राम पंचायत समितियों का गठन कर लिया गया। उन गांवों में गठन नहीं हो पाया, जहां सदस्यों की संख्या दो तिहाई से कम थी अथवा वहां अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होने के कारण पंचायत चुनाव नहीं हुआ था। यदि किसी ने सेक्रेटरी को बैठाए रखा तो इसकी जांच कराई जाएगी। ऐसा करना गलत है।
आरके भारती, डीपीआरओ।