विकास भवन सभागार में डीएचएस की बैठक करते डीएम महेंद्र सिंह तंवर। स्रोत -सोशल मीडिया
पडरौना। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। डीएम ने साफ कहा कि टीकाकरण से कोई बच्चा वंचित नहीं रहना चाहिए और योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर कार्रवाई तय होगी। 90 आशा कार्यकर्ता निष्क्रिय मिली, इनके खिलाफ कार्रवाई का निर्देश डीएम ने दी है।
विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में सीडीओ, सीएमओ समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी व पार्टनर एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में जनपद में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई। डीएम ने सार्वभौमिक प्रतिरक्षण कार्यक्रम के तहत शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों व मदरसों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। शिक्षा व अल्पसंख्यक विभाग के साथ समन्वय बनाकर हर पात्र बच्चे तक पहुंचने को कहा। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान डीएम ने ग्राम स्तर पर कैंप लगाकर अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए। जागरूकता बढ़ाने और लाभार्थियों को जोड़ने पर जोर दिया। स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन की स्थिति पर डीएम ने सीएचओ, डॉक्टरों व अन्य कर्मियों का युक्तिकरण कर आवश्यकता के अनुसार तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। जहां स्टाफ की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्था करने के निर्देश दिए। समीक्षा में करीब 90 आशा कार्यकर्ताओं के निष्क्रिय पाए जाने पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया। संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही बेहतर कार्य करने वाली आशाओं को प्रोत्साहन देने को कहा। सीडीओ ने “प्रेरणा कैंटीन” योजना की समीक्षा करते हुए सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश दिया कि भर्ती महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बैठक में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, पोषण, टीबी उन्मूलन, परिवार नियोजन और संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।