200 फीट ऊंची भगवान बुद्ध की स्टैच्यू होगी स्थापित
- बेसमेंट में मेडिटेशन सेंटर बनाया जाएगा, ली गई भूमि में चाहरदीवारी का भी काम होगा
फोटो है।
अमर उजाला ब्यूरो
कसया। कुशीनगर की मैत्रेय परियोजना के तहत अब 200 फीट ऊंची भगवान बुद्ध की स्टैच्यू स्थापित होगी। इसमें लगभग 24 माह का समय लगेगा। इसके बेसमेंट में एक मेडिटेशन सेंटर भी बनाया जाएगा, जिसमें बौद्ध भिक्षु और आने वाले विदेशी बौद्ध धर्मानुयायी पूजा-अर्चना और ध्यान कर सकें।
ये बातें ट्रस्ट की एग्जक्यूटिव डॉयरेक्टर वर्जीनिया रोचे ने कहीं। वह बृहस्पतिवार को कुशीनगर में मैत्रेय प्रोजेक्ट ट्रस्ट के कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता कर रहीं थी। डॉयरेक्टर ने कहा कि परियोजना को पूरी तरह से जमीन पर उतारने में पांच वर्ष का समय लगेगा। विकास के कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा कराए जाएंगे। स्टैच्यू कहां से बनकर यहां लगेगी की सवाल पर कहा कि परियोजना से जुड़े विकास के कार्य भारतीय कंपनियों और लोगों के माध्यम से ही पूरा कराया जाएगा। स्टैच्यू का वजन 500 टन होगा।
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मैत्रेय ट्रस्ट पर्यावरण संरक्षण को दस हजार लगाएंगे पौधे
निदेशक वर्जीनिया ने कहा कि मैत्रय परियोजना को लेकर कई अन्य योजनाएं भी हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए मैत्रेय ट्रस्ट की ओर से कुशीनगर में दस हजार पौधों के रोपण करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए कई पौधशालाओं से संपर्क कर पौधों के लिए व्यवस्था कर लिया गया है। यह पौधरोपण हिरण्यवती नदी के किनारे किया जाएगा, जिसमें स्कूली बच्चों में प्रमुख तौर पर एनसीसी कैडेटों की मदद ली जाएगी।