पडरौना। शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा इधर दो दिनों में फेल हो गया। रविवार को दिन के करीब 11 बजे से गुल हुई बिजली सोमवार को शाम पांच बजे के बाद सुचारु रूप से बहाल हो पाई। बिजली न रहने के कारण उपभोक्ताओं को पेयजल संकट से भी जूझना पड़ा।
रविवार से शुरू हुई बारिश का असर बिजली और पेयजल आपूर्ति पर भी पूर्णरूप से पड़ा है। रविवार दिन के करीब 11 बजे बिजली कट गई थी, लेकिन विद्युतकर्मी पडरौना से लगायत कसया तक फाल्ट ढूंढते रहे। दोपहर बाद कसया उपकेंद्र के निकट फाल्ट मिला था, जहां इंसुलेटर और डिश पंक्चर हो जाने के कारण बिजली गुल हुई थी। बारिश के चलते उसकी मरम्मत नहीं हो पाई। नतीजतन पूरी रात बिजली गुल रही। इसके चलते उपभोक्ताओं को बिजली के साथ-साथ पेयजल संकट से भी जूझना पड़ा। नहाने से लेकर भोजन बनाने और पीने के पानी की समस्या बनी रही। यही स्थिति सोमवार को भी रही। सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बिजली नहीं आई। पूरे दिन लोग बिजली-पानी के लिए परेशान रहे। उपभोक्ता मनोज सिंह ने बताया कि रविवार को पूरे दिन बिजली नहीं आई। रात में भी बिजली आपूर्ति बंद रहने के कारण अंधेरे में रहना पड़ा। भोर में करीब चार बजे एक घंटे के लिए बिजली आई, लेकिन उसके बाद कट गई तो शाम को ही बिजली मिली। मनोज चौरसिया, कौशल शुक्ला, शेषनाथ शर्मवा, रामू श्रीवास्तव, यश शंकर लाल श्रीवास्तव, प्रिंस सिंह, रमेश रावत सहित कई लोगों का कहना था कि रविवार और सोमवार को बिजली के साथ-साथ पेयजल संकट बना रहा। हाइडिल के फोन नंबर पर बात भी नहीं हो पा रही थी। शाम पांच बजे बिजली आपूर्ति शुरू हुई। पडरौना विद्युत वितरण खंड के एक्सईएन संजय कुमार यादव का कहना था कि बारिश के चलते फाल्ट ठीक करने में समस्या आ रही थी। कसया में इंसुलेटर और डिश पंक्चर हो गया था। इसके अलावा जगह जगह कहीं फ्यूज उड़ा था तो कहीं तोर टूट गया था। इसके चलते आपूर्ति प्रभावित थी। शाम पांच बजे तक ठीक कराकर आपूर्ति शुरू करा दी गई।