कुशीनगर। गंडक नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते पिपराघाट स्थित नवनिर्मित बांध पर कटान का खतरा बढ़ गया है। बांध की सुरक्षा के लिए बने बोल्डर लांचिंग पैड पर नदी का पानी बह रहा है। इससे लांचिंग पैड धंसने का खतरा पैदा हो गया है। इस लांचिंग पैड का आधा हिस्सा पहले ही कटकर नदी की धारा में बह चुका है।
पिछले साल पिपराघाट समेत आसपास के गांवों को गंडक नदी के कटान से बचाने के लिए 42.53 करोड़ की लागत से लोक निर्माण विभाग ने तीन किमी लंबा बांध तथा सिंचाई विभाग ने बांध से सटे 750 मीटर लंबा बोल्डर लांचिंग पैड का निर्माण कराया था। इसका उद्देश्य नदी की धारा से बांध को बचाना था। पिछले साल ही नदी ने इस बोल्डर लांचिंग पैड के आधे हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया था। जिससे यह क्षतिग्रस्त हो गया था। इस साल नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव से इस लांचिंग पैड पर दबाव और बढ़ गया है। जलस्तर में उतार चढ़ाव होने पर इस नदी का कटान तेज हो जाता है। लांचिंग पैड पर पानी बह रहा है। माना जा रहा है कि जलस्तर कम होते ही नदी की धारा लांचिंग पैड के बचे हिस्से को भी काटना शुरू करेगी। ऐसी स्थिति में बंधे की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। यहां बंधा कटा तो पिपराघाट के तवकल टोला, दहारी टोला, उपाध्याय टोला, देवनरायन टोला सीधे प्रभावित होंगे। इस संबंध में बाढ़ खंड डिवीजन के अधिशासी अभियंता बीपी सिंह का कहना है कि सभी संवेदनशील जगहों पर नजर रखी जा रही है। हर जगह बचाव कार्य चल रहा है।