कुशीनगर। शिवमंदिर की जमीन की तरफ दरवाजा खोलकर अवैध कब्जा करने को लेकर एकडंगा गांव में रविवार को विवाद हो गया। पुलिस ने पुजारी और मंदिर के अध्यक्ष को थाने में बैठा लिया। इससे हिंदू संगठनों सहित गांव के लोग नाराज हो गए। वे थाने के एक एसआई पर इस मामले में पक्षपात करने का आरोप लगा रहे थे। कुछ देर तक वहां शोर-शराबा होता रहा। बाद में आपसी सहमति बनने पर पुजारी और अध्यक्ष को छोड़ दिया गया। खड्डा थाना क्षेत्र के एकडंगा गांव में मुख्य पश्चिमी गंडक नहर से सटे एक शिव मंदिर है। मंदिर कई दशक पहले बना था। गांववालों के मुताबिक आपसी सहयोग से मंदिर के बगल के गड्ढे को भरकर ऊंचा करके यज्ञशाला बनाई गई है। वहां पूजा पाठ और अन्य धार्मिक कार्य होते रहते हैं। मंदिर के बगल में गांव के कुछ लोगों का घर है। गांववालों का आरोप है कि मंदिर की जमीन की तरफ जानबूझकर दरवाजा खोलकर कुछ लोग हड़पना चाहते हैं। इसको लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है।
रविवार को एक व्यक्ति मंदिर की जमीन की तरफ निर्माण शुरू कर दिया। इसको रोकने के लिए मंदिर समिति के अध्यक्ष कमलेश जायसवाल व पुजारी उदयभान पहुंचे तो विवाद हो गया। पुजारी ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस पुजारी और अध्यक्ष को थाने ले आई। बाद में दोनों को समझा बुझाकर छोड़ दिया गया। उधर, इस घटना की जानकारी होने पर गांव के लोग नाराज हो गए। उन लोगों ने आरोप लगाया कि थाने के एक एसआई ने पक्षपात करते हुए मंदिर के पक्ष के लोगों को डराया धमकाया और बात नहीं मानने पर कहा कि दूसरे पक्ष का रास्ता मंदिर की तरफ खोलवा देंगे। इसके बाद लोग भड़क गए। इसकी जानकारी होने पर हियुवा नेता अजय गोविंद राव शिशु ने उच्चाधिकारियों से बात की और मंदिर की जमीन की रक्षा करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण हुआ तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। इस संबंध में थाने के एसआई रामप्यारे यादव का कहना था कि दोनों पक्षों में सहमति बन जाने के बाद छोड़ दिया गया। उनका कहना था कि उन्होंने कोई पक्षपात व आपत्तिजनक बात नहीं कही है।