हाटा। तहसील की ग्राम पंचायत विशुनपुरा में करीब 65 परिवार वर्षों से अपना आशियाना बनाकर रहते हैं। कुछ माह पहले उन्हें पता चला कि जिस जगह पर वह अपना आशियाना बनाकर रहते है, वह सरकारी अभिलेख में खलिहान दर्ज है। गांव के ही एक व्यक्ति की शिकायत के बाद तहसीलदार न्यायालय में बेदखली का मुकदमा चलाया गया। मुकदमे में सुनवाई के बाद अप्रैल माह में न्यायालय ने बेदखली का आदेश पारित कर दिया, लेकिन मौके की स्थिति की वजह से राजस्व टीम केवल घरों पर नोटिस चस्पा की कार्रवाई करने तक ही सीमित रह गई। बेदखली की जद में आए लोगों ने बताया कि वह अपने पूर्वजों के समय से इन जमीनों पर काबिज है। हमें नहीं पता कि यह जमीन कैसी है। जब से होश संभाला तब से यहीं रहते आ रहे है।
हाटा विकास खंड के गांव विशुनपुरा में खलिहान की भूमि पर करीब 65 परिवार काफी दिनों ने अपना घर बनवाकर रखते चले आ रहे है। कुछ माह पहले गांव के ही एक व्यक्ति ने तहसील में शिकायत दर्ज कराया है कि खलिहान की भूमि में लोगों ले कब्जा कर घर बना लिया लिया है। जिससे ग्रामसभा की क्षति हो रही है। तहसीलदार न्यायालय में वाद चला। जिसके बाद उक्त जमीन के खाली करने आदेश न्यायालय ने पारित किया, साथ ही खलिहान की भूमि पर कब्जा करने वालों पर जुर्माना भी लगाया। न्यायालय के आदेश में बाद राजस्व टीम गांव में पहुंची और सभी घरों पर नोटिस चस्पा कर जमीन खाली करने का फरमान सुनाया, लेकिन गांव के लोगों का कहना है कि वह अपने आशियानों को खाली कर देंगे तो कहा जाएंगे। जब से होश में आए हैं तो यही रहे हैं। हालांकि वह न्यायालय के आदेश के बाद डरे हुए। कोई अपना नाम नहीं बताना चाह रहा है। उन्हें डर है कि अगर वह लोग विरोध करेंगे तो वह प्रशासन की नजर में आ जाएंगे। फिलहाल प्रशासन ने सभी को कब्जा खाली करने की चेतावनी दी है।