पडरौना (कुशीनगर)। गाड़ी रखने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें गाड़ियों के कागजातों का लेमिनेशन कराने व बरसात में भींगने के खतरा से छुटकारा मिलेगा। इसके लिए परिवहन विभाग की ओर से पहल की गई। नए साल में मार्च तक वाहनों के रजिस्ट्रेशन कागजात को स्मार्टकार्ड में बदलने की योजना बनाई गई है। इससे जहां पेपरवर्क कम होगा, वहीं वाहन स्वामियों को कागजात के खराब होने की झंझट से छुटकारा मिल सकेगा। स्मार्टकार्ड में लगे चिप से एक बार में ही वाहनों का संपूर्ण विवरण जानने में आसानी होगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से पूरे देश में एक ही फार्मेट के गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी किए जाने की पहल की गई है। मार्च 2019 में कुशीनगर जिले में वाहनों के कागजात अब स्मार्टकार्ड के रूप में तब्दील करने की योजना है। फिलहाल अभी आरसी पेपर पतली कागज पर ही प्रिंट करके दिया जाता है। इससे बरसात के समय में कागज भींगने का खतरा तो बना ही रहता है, जबकि बगैर लेमिनेशन कराए जेब में रखने से प्रिंट गायब होने की भी संभावना बनी रहती है। वाहनों के रजिस्ट्रेशन कागज स्मार्टकार्ड के रूप में मिलने के बाद इन समस्याओं से वाहन स्वामियों को छुटकारा मिल जाएगा।
हर जानकारी कार्ड में होगी शामिल:
नए आरसी स्मार्टकार्ड में क्यूआर कोड के साथ-साथ चिप भी होगी। कार्ड पर प्रिंट जानकारियों के अलावा चिप में चालक और वाहन की हर जानकारी शामिल होगी। कई नई जानकारियों को भी कार्ड में शामिल किए जाने की योजना है। इसके क्यूआर कोड में गाड़ी की लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई और टायर के दोनों ओर हैंगिंग की भी जानकारी दर्ज होगी। इससे कामर्शियल वाहनों में बढ़ाई गई लंबाई को आसानी से पकड़ा जा सकेगा।
स्टैंडिंग कैपेसिटी भी होगी दर्ज:
अब तक रजिस्ट्रेशन कागजों पर सिर्फ सीटिंग कैपेसिटी लिखी जाती थी, लेकिन नई व्यवस्था के लागू होने के बाद सीटिंग, स्टैंडिंग और स्लीपर कैपेसिटी भी दर्ज होगी। यह जानकारी यात्री वाहनों के लिए महत्वपूर्ण होगी और इससे ओवरलोडिंग जैसे मामलों में आसानी से जांच कर कार्रवाई की जा सकती है। ट्रैक्टर जैसे वाहनों में अलग से लगने वाली ट्रॉली का नंबर भी उसके रजिस्ट्रेशन कार्ड में ही दर्ज होगा।
अपराधों की जानकारी होगी सेव:
नए स्मार्ट रजिस्ट्रेशन कार्ड की चिप में वाहन और वाहन मालिक की जानकारी के साथ, वाहन से किए गए अपराधों की सारी जानकारी कार्ड में सेव होगी। इसमें टैक्स व बीमा की जानकारी तो शामिल ही किया जाएगा, जबकि कामर्शियल वाहनों के मामले में उनका रूट, परमिट, फिटनेस समेत कई और जानकारियां भी इसमें दर्ज की जाएगी।
क्या कहते हैं एआरटीओ
एआरटीओ कुशीनगर संदीप कुमार पंकज ने बताया कि इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद पेपरवर्क तो कम हो ही जाएगा, साथ ही कर्मचारियों को भी सहूलियत मिलेगी। क्यूआर कोड स्कैन करते ही गाड़ी की डिटेल सिस्टम पर दिखने लगेगा। इससे समय की भी बचत होगी। मार्च 2019 में जिले में इसकी शुरुआत हो जाएगी।