पडरौना। 42 डिग्री तापमान में अघोषित बिजली कटौती,फॉल्ट व ट्रिपिंग ने शहर से लेकर देहात तक के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। यह हालात तब है,जब विभाग सर्दियों में करोड़ों रुपये मरम्मत (मेंटेनेंस) पर खर्च कर बेहतर आपूर्ति का दावा कर रहा है। लेकिन वर्तमान में विभाग के दावे और जमीन हकीकत में काफी अंतर है। करोड़ों रुपये खर्च किए जाने का असर भीषण गर्मी में कहीं बिजली की आपूर्ति को लेकर नजर नहीं आ रहा है। विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जिले में बिजली व्यवस्था की बेहतरी के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। इसमें बिजली घरों की क्षमता वृद्धि, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, सुरक्षा व्यवस्था सहित आधुनिकीकरण का काम पूरा कराया गया।
विभाग के अनुसार, जिले में इस भारी भरकम रकम से 400 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के लिए 12 करोड़ से अधिक रुपये खर्च किए गए, इसके अलावा 71 नए विद्युत ट्रांसफार्मर स्थापित कराए गए। इनकी स्थापना पर 5.63 करोड़ रुपये खर्च हुए। विभाग का दावा था कि इससे गर्मी के मौसम में ओवरलोड, ट्रिपिंग, फाल्ट व अघोषित कटौती से निजात मिलेगी। लेकिन इसके बावजूद चिलचिलाती धूप में लोगों को कोई राहत नहीं मिल पा रही है।
विभाग देहात व शहर में तय शेडयूल के मुताबिक बिजली की आपूर्ति नहीं कर रहा है। इसके चलते लोगों को परेशानी बढ़ी हुई है। यही,नहीं विभाग ने इस भारी भरकम रकम से 33 केवीए के 36 बिजली घरों के सुरक्षा को लेकर काम किया। जिसमें सुरक्षा,अर्थिंग व्यवस्था,वोल्टेज कंट्रोल और ऑटोमेटिक सिस्टम सहित तमाम उपकरण लगाए। इसके लिए 2.67 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। यह इसलिए किया गया कि कहीं पर कोई तकनीकी परेशानी होने पर विभाग के जिम्मेदारों को इसकी सूचना मिल जाएगी। जिसे समय रहते उसे विभागीय कर्मचारियों की मदद से ठीक करा लिया जाएगा,लेकिन इन सबका कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। हालात पूर्व जैसे ही शहर से देहात तक के दिखाई दे रहे हैं।
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दावों के विपरीत है हकीकत
जिले के कई इलाकों में दिन में कई बार बिजली ट्रिप कर रही है। उधर,ग्रामीण क्षेत्रों में तो घंटों की कटौती की जा रही है। यह कटौती आम बात हो गई है। ट्रांसफार्मर जलने, लो वोल्टेज, अघोषित कटौती व फॉल्ट जैसी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं, जबकि विभाग इनमें सुधार का दावा कर कर रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि सर्दियों में मरम्मत कार्य कहकर बिजली की कटौती की जा रही थी,लेकिन अब भीषण गर्मी में बिना बताए ही कटौती का सिलसिला दिन व रात में जारी है। इससे शहर से देहात तक के उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी हुई है।
जिले में करोड़ों रुपये खर्च कर ट्रांसफार्मर वृद्धि क्षमता सहित बिजली घरों के आधुनिकीकरण के कार्य कराए गए हैं। गर्मी के मौसम में बिजली की आपूर्ति बेहतर दिए जाने के लिए लगातार कर्मियों की तरफ से काम किया जा रहा है। आ रही समस्याओं का दूर कराया जा रहा है। अभी भी आधारभूत सुधार के जरूरत है,जिसके लिए काम कराया जाएगा। -राकेश मोहन, एसई, विद्युत वितरण खंड,कुशीनगर
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मरम्मत कार्य पर उठ रहे सवाल:-
- करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी बिजली की आपूर्ति व्यवस्था नहीं सुधरी
-ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि,नए ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बाद भी फाॅल्ट व ट्रिपिंग जस की तस
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पडरौना बिजली घर में दो दिन में आए फॉल्ट के 50 मामले
विभाग के मुताबिक, सिर्फ पडरौना बिजली घर में बीते दो दिन में करीब 50 जगहों से फॉल्ट की समस्या सामने आई है। इन्हें मरम्मत कर फिर से बिजली आपूर्ति बहाल कराने में बिजली विभाग के खुद पसीने छूट जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को राहत मुहैया कराए जाने में विभाग फेल साबित हो रहा है। ऐसा उपभोक्ताओं का कहना है कि कराए गए मरम्मत कार्य को ठीक से किया गया होता तो ऐसे हालात नहीं सामने आते।
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उपभोक्ता बोले
विभाग के तरफ से बिजली आपूर्ति के लिए लगाए गए केबल की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए। गर्मी के मौसम में बार-बार फॉल्ट होने से चौराहे के लोगों की परेशानी बढ़ जा रही है। इसकी शिकायत जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों से भी कर चुका हूं,इसके बावजूद कोई सुधार नहीं होता दिखाई दे रहा है। -अरुण कुमार राय, वार्ड 17,मणीपुरम
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बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आए दिन केबल फॉल्ट की समस्या सामने आ रही है। इससे घंटों बिजली की आपूर्ति बाधित होती है। सूचना के बाद बिजली कर्मी पहुंचकर बनाते हैं,लेकिन फाॅल्ट होने का सिलसिला जारी है। -जहरुदीन अंसारी, वार्ड 17, मणीपुरम