कुशीनगर स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल।
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पडरौना। सत्तर साल पहले आयुर्वेदिक व यूनानी अस्पताल के लिए बौद्ध भिक्षुओं से दान में मिली भूमि पर जिले का पहला आयुष अस्पताल बनेगा। यह अस्पताल 50 बेड का होगा और इसके निर्माण पर 7.5 करोड़ रुपये खर्च होगा।
बौद्ध भिक्षुओं से दान में मिली इस भूमि पर इस समय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अस्पताल है। इसका भवन जर्जर हो चुका है। इसे तोड़कर इसके स्थान पर आयुष अस्पताल के निर्माण का निर्णय हो चुका है। विभाग ने अस्पताल का नक्शा तैयार करा लिया है। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड ने इस भवन को निष्प्रयोज्य भी घोषित कर दिया है। अब देर है तो बस धन अवमुक्त होने की।
वैसे तो कुशीनगर में पहले से 42 आयुर्वेदिक व यूनानी अस्पताल हैं, लेकिन आयुष अस्पताल में एक छत के नीचे मरीजों को सभी प्रकार की जांच के साथ ही आयुर्वेदिक, यूनानी, होम्योपैथ और एलोपैथ पद्धति से इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इस अस्पताल के निर्माण का फैसला केंद्र सरकार की ओर से नेशनल आयुष मिशन के तहत लिया गया है।