दुदही। विश्व रक्तदाता दिवस पर 14 जून को अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से मेडिकल कॉलेज में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक चलेगा। इसमें शहर की विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक और स्वयंसेवी संस्थाएं भाग लेंगी।
क्षेत्र के चौबेया पटखौली गांव के निवासी अरविंद सागर अब तक वह 37 बार रक्तदान कर चुके हैं। कुछ दिन पहले फाजिलनगर में रक्तदान शिविर में रक्तदान किया था। उन्होंने बताया कि पहली बार वर्ष 2007 में इटावा निवासी धर्मेंद्र सिंह नाम के एक मित्र के रिश्तेदार की दुर्घटना में काफी खून बह गया था। उन्हें खून दिया था।
दिल्ली के सफदरगंज हाॅस्पिटल में बिहार के पूर्णिया निवासी सहकर्मी जितेंद्र कुमार के लिए रक्तदान किया था। इस तरह रक्तदान के प्रति जज्बा बढ़ता गया। चिकित्सकों ने भी बताया था कि रक्तदान से शरीर को कोई नुकसान नहीं होता। रक्तदान के बाद मिली संतुष्टि और सम्मान भी इसके लिए प्रेरित करती है।
अरविंद बताते हैं कि विदेशों में फंसे भारतीयों की वतन वापसी के लिए वह अपने 50 से अधिक मित्रों के साथ भारतीय प्रवासीय मदद समूह चलाते हैं।
अरविंद सागर ने बताया कि लोगो की मदद कर उन्हें खुशी मिलती है। अरविंद सागर की पत्नी सरोज देवी पति की प्रेरणा से प्रेरित होकर 33 वर्ष की उम्र में 7 बार रक्तदान कर चुकी है।
14 जून को 8 वी बार रक्तदान करेंगी। सरोज देवी बताती हैं कि पहले उनका पति रक्तदान करते थे। तो कुछ नहीं बोलती थी। लेकिन एक बार दो माह में दो बार रक्तदान करने से रीढ़ की हड्डी से और अन्य दर्द होने लगा।
काफी बीमार हो गए। काफी परेशानियों को सामना करना पड़ा। उस वक्त काफी गुस्सा आया। कुछ अनबन भी हो गया। लेकिन जब पति के साथ अस्पतालों में लोगो की दर्द और पीड़ितों की प्यार दुलार देखी तो मैं प्रभावित हो गई। तब से वह भी रक्तदान करने लगीं।