मंसाछापर। सऊदी अरब में फंसे उत्तर प्रदेश,बिहार व पश्चिम बंगाल के 40 मजदूरों की घर वापसी मदद फाउंडेशन संस्था की मदद से हुई है। सोशल मीडिया में पीड़ितों का वीडियो वायरल होने के बाद संस्था आगे आई। आठ माह से सऊदी अरब में युवक फंसे थे। तीन दिन बाद वतन लौटे युवकों ने संस्था के सदस्यों को धन्यवाद दिया।
जिले के हाटा, रामकोला,पडरौना, तमकुहीराज थाना क्षेत्र के नौ मजदूरों के अलावा बिहार प्रांत के 26 मजदूर और पश्चिमी बंगाल के पांच मजदूरों को एजेंट ने बेहतर रोजगार का झांसा देकर 15 सिंतबर 2022 को मुंबई एक ऑफिसा के माध्यम से सऊदी अरब के विषनिटी गल्फ कंपनी में कारपेंटर, पाइप फीटर का काम बताकर भेजा गया था। लेकिन वहां मजदूरों से लेबर का काम कराया जाता था। चार माह तक काम कराने के बाद सैलरी मांगने पर एक रुम में युवकों को बंद कर दिया गया। मजदूरों ने इसका विरोध किया तो कंपनी से जुड़े लोगोंं ने उनके साथ बदसलूकी की और बोले कि कंपनी के पास सैलरी देने के लिए रुपये नहीं है, जब होगा तब दिया जाएगा। इसके बाद मजदूर अपने घर वालों को इसकी जानकारी दिए और वतन वापसी के लिए गुहार लगाने लगे। परिजन अफसरों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से इसके लिए गुहार लगाने लगे। लेकिन बात नहीं बन सकी। सऊदी अरब में फंसे मजदूरों ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रवासी मदद फाउंडेशन का नंबर लेकर संपर्क कर वतन वापसी के लिए गुहार लगाई। संस्था के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बृजेश कुमार व अरविंद यादव ने मजदूरों से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर उनसे वर्तमान हालात की जानकारी लेने के बाद विदेश मंत्रालय व भारतीय दूतावास से संपर्क कर सऊदी अरब से फंसे मजदूरों को वतन वापस के लिए प्रयास किए। आठ माह मजदूरों को घर वापसी हुई। मजदूर व परिजन बृहस्पतिवार को संस्था के हेड ऑफिस पिपरा में पहुंचकर धन्यवाद दिया।
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विदेश में ये फंसे थे
-विदेश में कुशीनगर के महेश, कल्पनाथ, माझी, बंजरग, निजामुद्दीन, कमलेश, समतुलाह, क्यामुदिन, टिंकू, पश्चिम बंगाल के अर्जुन सिंह, जसुदिन, उमाराम, मियाराजमंडल, हरेंद्र साह, हरिवंश, संजय, रविंद्र, सुमेन विश्वास, मुकलिस, मजनूरमंडल, जमशेद मंडल, पलास बंगाल, वासर असलम, शंकर सिकंदर गफ्फार, समसेर, सुमेत बैठा, अब्दुल कलाम बंगाल, मंजयराम जयप्रकाश, अताफ, अख्तर, अफताब अली अमजद, दिव्यता, अजीतबाल, कुतुबुद्दीन धाबक, अफसाद अंसारी, आशीष बंगाल नौमी मजदूर फंसे थे।