पडरौना। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। 35 वाहनों का पंजीयन निलंबित और 20 ब्लैकलिस्ट कर दिए गए हैं। फिटनेस समाप्त या फिटनेस फेल स्कूल वाहनों से बच्चों काे लाना-लेजाना विद्यालय प्रबंधन को भारी पड़ सकता है। संबंधित वाहन के साथ विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्य के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. दिलीप गुप्ता ने बताया कि जिले में 1672 स्कूल वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 141 वाहनों की फिटनेस वैधता समाप्त हो चुकी है। मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 के तहत इन वाहनों को पोर्टल पर चिह्नित किया गया है। विभाग की ओर से संबंधित विद्यालय प्रबंधकों को फोन और नोटिस के माध्यम से फिटनेस कराने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने बताया कि फिटनेस समाप्त वाहनों पर कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। अब तक 35 स्कूल वाहनों का पंजीयन निलंबित किया जा चुका है, जबकि 20 को ब्लैकलिस्ट किया गया है।
विभागीय टीम गठित कर चिह्नित वाहनों का निरीक्षण भी कराया जा रहा है। विद्यालय प्रबंधन को वाहनों की फिटनेस जांच कराकर वैध प्रमाणपत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। एआरटीओ ने बताया कि जिन वाहनों का पंजीयन निलंबित किया गया है, उनकी निर्धारित समय में उनकी फिटनेस नहीं कराई गई, तो पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्य की होगी। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहने की अपील की है।