रविवार की शाम को सामाजिक सौहार्द तब देखने योग्य था, जब हिंदू और मुस्लिम कन्याओं की बारात में ढोल-ताशा, हाथी-घोड़ा के साथ बाराती पहुंचे। आयोजक मंडल ने सभी बारातियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इसके बाद 34 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह का कार्यक्रम प्रारंभ किया गया।
केडी शाही जनजागृति संस्थान तुर्कपट्टी की ओर से 15वें वर्ष आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में रविवार की शाम मुख्य आयोजन स्थल नव निकेतन ज्ञानस्थली को दुल्हन की तरह सजाया गया था। एक तरफ़ जहां शहनाइयों की धुन बज रही थी, वही दूसरी ओर मंगलगान हो रहा था। शाम चार बजे से ही कुशीनगर के अतिरिक्त महराजगंज, सिद्धार्थनगर, देवरिया सहित पड़ोसी प्रांत बिहार से क्रमवार बारातियों के आने का सिलसिला प्रारंभ हो गया।
आयोजक मंडल के अध्यक्ष महेंद्र यादव, उपाध्यक्ष दीपनारायण अग्रवाल, प्रबंधक सुधीर कुमार शाही, कार्यक्रम संयोजक शैलेंद्र दत्त शुक्ल, विक्रम अग्रवाल ने अपने सहयोगियों के साथ बारातियों का माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर वर पक्ष और वधू पक्ष पर क्षेत्रवासियों ने पुष्पवर्षा की। आयोजक मंडल के लोग बारातियों के स्वागत के बाद वर पक्ष व कन्या पक्ष को द्वारपूजा स्थल की ओर ले गए, जहां एक साथ पुरोहितों व मौलवियों ने अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार विवाह की रस्में शुरू कराईं।
इससे पहले आयोजक मंडल की ओर से घरातियों और बारातियों को जलपान व सहभोज कराया गया। दूसरी तरफ नव निकेतन ज्ञान स्थली के भव्य एवं विराट मंच पर नव युगल के विवाह की तैयारियां जोरों पर थी। इस दौरान बड़ी संख्या में घराती और बाराती मौजूद रहे।