फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अभिभावकों को सताने लगी अपने बच्चों के भविष्य की चिंता

विज्ञापन
विज्ञापन
कुशीनगर। शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द होने के बाद दुदही क्षेत्र के सात प्राथमिक विद्यालयों में पठन-पाठन बंद हो गया है। ये विद्यालय शिक्षा मित्रों के भरोसे संचालित हो रहे थे। इन विद्यालयों के बंद होने से अभिभावक अपने पाल्यों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
विज्ञापन

दुदही क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पृथ्वीपुर मुसहर टोली में तीन सहायक तैनात थे, जो शिक्षा मित्र से समायोजित होकर सहायक अध्यापक बने थे। इस विद्यालय में 80 बच्चों का नामांकन है, लेकिन इस पर अब ताला लग गया है। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय पृथ्वीपुर में भी शिक्षा मित्र से समायोजन के बाद सहायक अध्यापक बने इन शिक्षकों के भरोसे शिक्षा व्यवस्था चल रही थी। इस विद्यालय में 95 बच्चों का पंजीकरण है, लेकिन समायोजन रद्द हो जाने से यह विद्यालय चार दिन से बंद पड़ा है। बच्चे प्रतिदिन विद्यालय आ रहे हैं, लेकिन ताला बंद देखकर घर लौट जा रहे हैं। यही स्थिति अन्य प्राथमिक विद्यालयों की भी है। पृथ्वीपुर गांव निवासी विगा प्रसाद का कहना है कि उनके घर के चार बच्चे इस विद्यालय में पढ़ते हैं। विद्यालय बंद होने से पढ़ाई ठप है। बच्चे पढ़ाई से मुंह मोड़ रहे हैं। इसी गांव के राधेश्याम कुशवाहा का कहना है कि यह विद्यालय खुलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। क्योंकि यहां तैनात सहायक अध्यापकों की समस्या का समाधान होते नहीं दिख रहा है।
अभिभावक रजनीकांत मद्धेसिया का कहना है कि शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द होने के बाद से पठन-पाठन ठप हो गया है। उमाशंकर दुबे का कहना है कि बंद विद्यालयों में पठन-पाठन शुरू कराने की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की है। विभाग को इसके लिए स्थायी प्रबंध करना चाहिए।
विज्ञापन

इस संबंध में बीईओ शेषनाथ सरोज का कहना है कि बीएसए के आदेशानुसार अगल-बगल के विद्यालयों के अध्यापकों को संबद्ध किया गया है, ताकि शिक्षण कार्य सुचारु रूप से चल सके। लेकिन उन विद्यालयों पर समायोजित किए गए शिक्षा मित्र सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से ताला बंद कर चाबी अपने पास रख लिए हैं। इससे समस्या पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि वह वहां जाकर ताला खोलवाकर पठन-पाठन शुरू कराएंगे।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें